निशानेबाजी के चार सितारों को बड़ा सम्मान
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 में निशानेबाजी से जुड़े अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत, रुद्रांश खंडेलवाल और कोच नेहा नंदकुमार चव्हाण को सम्मान मिला है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने चारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, परिवारों और पूरे भारतीय निशानेबाजी तंत्र की मेहनत को दर्शाती हैं।
- अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार मिला।
- नेहा नंदकुमार चव्हाण को प्रशिक्षक के रूप में योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- एनआरएआई ने चारों खिलाड़ियों और कोच को बधाई देते हुए उपलब्धियों को भारतीय निशानेबाजी के लिए गौरव बताया।
Four Shooting Stars Honoured with National Sports Awards : भारतीय निशानेबाजी के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 खास उपलब्धि लेकर आया है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत, रुद्रांश खंडेलवाल और प्रशिक्षक नेहा नंदकुमार चव्हाण को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार मिलने पर बधाई दी है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 18 अगस्त को पुरस्कारों की घोषणा की थी। अखिल श्योराण, धनुष श्रीकांत और रुद्रांश खंडेलवाल को अलग-अलग वर्गों में शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। वहीं, नेहा नंदकुमार चव्हाण को खिलाड़ियों को तैयार करने में उनके योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के अनुभवी निशानेबाज अखिल श्योराण लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। वह एनआरएआई की 2026 राष्ट्रीय टीम में शामिल हैं। इस साल चयन ट्रायल-3 में उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
धनुष श्रीकांत ने बधिर निशानेबाजी में भारत का नाम रोशन किया है। पिछले साल टोक्यो में आयोजित 25वें समर डेफलंपिक्स में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। फाइनल में 252.2 अंक के साथ उन्होंने अपना ही 251.7 अंक का विश्व रिकॉर्ड बेहतर किया। क्वालीफिकेशन में भी उन्होंने नया डेफलंपिक्स रिकॉर्ड बनाया था।
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एसएच-1 वर्ग के पिस्टल निशानेबाज रुद्रांश खंडेलवाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। वह एशियाई पैरा खेलों, विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट प्रतियोगिताओं, विश्व चैंपियनशिप और पेरिस 2024 पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक हैं।
नेहा नंदकुमार चव्हाण को द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलना भारतीय निशानेबाजी में प्रशिक्षकों की भूमिका को भी सामने लाता है। खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने और उनके प्रदर्शन को निखारने में उनके योगदान को इस सम्मान के जरिए पहचान मिली है।



