खेल आयोजनों का नया हब बना भारत, 2028 तक 29 और बड़े इवेंट तय
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन रहा है। पिछले डेढ़ वर्ष में देश ने 36 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी की है। वहीं 2028 तक 29 और बड़े खेल आयोजन प्रस्तावित हैं, जो 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को मजबूती देंगे।
- भारत ने दो वर्षों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी की।
- अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के लिए 2028 तक 29 नए इवेंट प्रस्तावित।
- डॉ. मनसुख मंडाविया ने 2030 और 2036 की तैयारियों को बताया मजबूत।
India Emerges as Global Hub for International Sports Events : भारत वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश अब केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के सफल संचालन में भी दुनिया का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभर रहा है।
सरकार के अनुसार जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच भारत के 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, विश्व कप, रैंकिंग टूर्नामेंट और महाद्वीपीय क्वालीफायर जैसी कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
यह भी पढ़ें : ‘कर्तव्य’ के क्लाइमेक्स पर सैफ अली खान ने तोड़ी चुप्पी
इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, निशानेबाजी, मुक्केबाजी, फुटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज, पैरा स्पोर्ट्स, साइक्लिंग, फेंसिंग, वॉलीबॉल, रग्बी, सर्फिंग और एक्वेटिक्स सहित कई खेलों का आयोजन हुआ। इनमें से कई टूर्नामेंट पहली बार भारत में आयोजित किए गए, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन भी दर्ज किया।
डॉ. मंडाविया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से देश की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी दौरों के बिना उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है। इससे आयोजन क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता, स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण और खेल अवसंरचना भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है। ऐसे में विभिन्न शहरों में बड़े खेल आयोजनों का अनुभव भविष्य की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगा।
यह भी पढ़ें : टाटा मोटर्स ने लॉन्च की नई Ultra Prime और Starbus Prime बसें
खेल मंत्रालय के मुताबिक जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच देश में 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप, पैरा तीरंदाजी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग, एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप तथा बैडमिंटन, फुटबॉल और रग्बी से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल हैं।
इसके अलावा भारत ने 2027 और 2028 के लिए 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अधिकार भी हासिल कर लिए हैं। इनमें विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2028, आईएसएसएफ विश्व कप, एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स, एफआईएच प्रो लीग, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन, पैरा एथलेटिक्स और टेबल टेनिस जैसी प्रमुख प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
नई दिल्ली, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ, पटना, राजगीर और महाबलीपुरम जैसे शहर अब लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि 2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए और अधिक सक्षम बनाएगी।



