181 हेल्पलाइन केंद्र पहुंचीं डोरा आयुक्त, ऑन-द-स्पॉट सुलझीं आम जनता की शिकायतें
राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन की व्यवस्थाओं का मंगलवार को डोरा आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने निरीक्षण किया। उन्होंने शिकायतों की स्थिति, पोर्टल पर दर्ज मामलों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। अधिकारियों को संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई भी करवाई।
- 181 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर।
- राजस्थान संपर्क के लंबित मामलों की आयुक्त ने की समीक्षा।
- 181 हेल्पलाइन पर संवेदनशील शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश।
Dora Commissioner visits 181 helpline center : आमजन की शिकायतों के समाधान को लेकर राजस्थान सरकार की राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की मंगलवार को समीक्षा की गई। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग (डोरा) की आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा ने 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पोर्टल पर दर्ज परिवादों की श्रेणीवार स्थिति, संबंधित विभागों की कार्रवाई और लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की प्रकृति और उनके समाधान में लगने वाले समय को लेकर भी जानकारी प्राप्त की।
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डॉ. अरोड़ा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायत का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पोर्टल पर दर्ज कुछ महत्वपूर्ण मामलों को फोन के माध्यम से स्वयं भी देखा और संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करवाई। खैरतल निवासी सेवाराम की बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायत पर उन्होंने स्थिति की जानकारी ली और समाधान की दिशा में चर्चा की।
इसी तरह अलवर निवासी महेंद्र से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही परेशानी को लेकर फोन पर बातचीत की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारी से मौके पर ही बात कर समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल आम लोगों और सरकारी व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। खासकर ऐसे मामले जिनका सीधा असर आम नागरिक के दैनिक जीवन पर पड़ता है, उनमें संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई जरूरी है।
डॉ. अरोड़ा ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी करने और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को उनकी समस्याओं का समय पर समाधान मिले और उन्हें राहत का वास्तविक अनुभव हो।
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निरीक्षण के दौरान शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, पोर्टल पर मामलों की सही प्रविष्टि और विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। इससे 181 हेल्पलाइन के जरिए मिलने वाली शिकायतों के समाधान की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।



