भारत ओडीओपी संगम में राजस्थान के 38 उद्‌यम दिखाएंगे हुनर

दिल्ली के भारत मंडपम में 7 से 11 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले भारत ओडीओपी संगम में राजस्थान के 38 चयनित उद्यम और कारीगर अपने जिला-विशिष्ट उत्पादों को देशभर के खरीदारों और कारोबारियों के सामने पेश करेंगे। रत्न एवं आभूषण, मार्बल, हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य और कृषि प्रसंस्कृत उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और स्थानीय उद्यमिता को नई पहचान भी मिलेगी।

  • भारत ओडीओपी संगम में राजस्थान के 38 उद्यम लेंगे हिस्सा
  • जिला-विशिष्ट उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार
  • ओडीओपी नीति-2024 से उद्यमों को मार्केटिंग सहायता

38 enterprises from Rajasthan to showcase their skills at the India ODOP Sangam : राजस्थान के स्थानीय और जिला-विशिष्ट उत्पादों को देश के बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 7 से 11 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-विक्रय कार्यक्रम ‘भारत ओडीओपी संगम’ में प्रदेश के 38 चयनित ओडीओपी उद्यम और कारीगर हिस्सा लेंगे।

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उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान के समन्वय से होने वाली इस भागीदारी में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की खास पहचान वाले उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें रत्न एवं आभूषण, मार्बल एवं स्टोन, हस्तशिल्प, लकड़ी के उत्पाद, वस्त्र एवं परिधान तथा खाद्य एवं कृषि प्रसंस्कृत उत्पाद प्रमुख रूप से शामिल हैं।

केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ओडीओपी उत्पादों की पहचान बढ़ाने के साथ उनकी बाजार पहुंच और दृश्यता को मजबूत करना है। देशभर से 600 से अधिक इकाइयों और प्रदर्शकों की भागीदारी प्रस्तावित है। ऐसे में राजस्थान के उद्यमियों को अपने उत्पादों को व्यापक कारोबारी मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।

राजस्थान में ओडीओपी उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए ओडीओपी नीति-2024 लागू की गई है। इसके तहत उत्पादों में मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और विपणन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। मार्केटिंग सहायता योजना के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में हिस्सा लेने वाले ओडीओपी एमएसएमई को स्टॉल किराये पर सहायता दी जाती है।

नीति के अनुसार पात्र उद्यमों को स्टॉल किराये का 75 प्रतिशत या अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इसके साथ दो प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित यात्रा सहायता भी दी जाती है। विभाग के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक करीब 497 ओडीओपी उद्यमों को लाभ मिल चुका है।

राजस्थान सरकार की ओर से स्थानीय उद्यमों को देश-विदेश के बाजारों से जोड़ने के लिए कई बड़े व्यापारिक आयोजनों में भागीदारी के अवसर भी दिए जा रहे हैं। इनमें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF), भारत टेक्स और अन्य प्रमुख मेले एवं प्रदर्शनियां शामिल हैं।

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‘भारत ओडीओपी संगम’ में 38 उद्यमों की भागीदारी इसी प्रयास का हिस्सा है। इस मंच के जरिए राजस्थान के पारंपरिक शिल्प, स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को नए खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों की विशिष्ट उत्पाद पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने में मदद मिलेगी।

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