हेल्पलाइन 181 पर ACS माइंस की सीधी सुनवाई, शिकायतों के निस्तारण पर जोर

माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की एसीएस अपर्णा अरोरा ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर परिवादियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने माइंस और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से जुड़ी शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। अधिकारियों को नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए, ताकि अवैध खनन और प्रदूषण जैसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और शिकायतों का समाधान तेजी से हो।

  • हेल्पलाइन 181 पर एसीएस अपर्णा अरोरा ने परिवादियों से संवाद किया।
  • माइंस विभाग की 95.45 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ।
  • प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 90 प्रतिशत से अधिक परिवेदनाएं निपटाईं।

ACS (Mines) personally addresses grievances via Helpline 181 : राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 को आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोरा ने गुरुवार को परिवादियों से सीधे बातचीत की। वीडियो और ऑडियो कॉल के जरिए उन्होंने माइंस विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल से जुड़ी शिकायतों पर हुई कार्रवाई का फीडबैक लिया।

हेल्पलाइन 181 पर ACS माइंस की सीधी सुनवाई, शिकायतों के निस्तारण पर जोर
Image Source : Via Dipr

इस दौरान उन्होंने शिकायतकर्ताओं से यह भी जाना कि संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं या नहीं। अपर्णा अरोरा ने भरोसा दिलाया कि जिन क्षेत्रों में अवैध खनन या प्रदूषण की शिकायतें सामने आई हैं, वहां अधिकारियों को नियमित निगरानी के साथ औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।

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जोधपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत पर राजेंद्र की ओर से दर्ज परिवाद का भी फीडबैक लिया गया। मामले में जोधपुर विकास प्राधिकरण, खान विभाग और संबंधित थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। इसी तरह जालौर के लेटा साकरणा और आसपास के गांवों में बजरी के अवैध खनन से जुड़ी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को दी गई, जिससे वह संतुष्ट नजर आए।

प्रदूषण से संबंधित मामलों की भी हेल्पलाइन पर समीक्षा हुई। अजमेर के नवां गांव निवासी नंदाराम ने टायर फैक्ट्री से प्रदूषण फैलने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपर्णा अरोरा ने उन्हें अब तक की कार्रवाई से अवगत कराया और कहा कि संबंधित अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों को भी मामले की निगरानी बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

कोटपुतली-बहरोड़ के रवि दत्त यादव ने एक फैक्ट्री से राख और डस्ट के कारण प्रदूषण फैलने की शिकायत की थी। इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी देकर परिवादी को संतुष्ट किया गया। एसीएस ने कहा कि भविष्य में भी अधिकारियों को क्षेत्र पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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बैठक के दौरान अपर्णा अरोरा ने दोनों विभागों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की भी समीक्षा की। माइंस विभाग को हेल्पलाइन के माध्यम से कुल 18,594 परिवेदनाएं प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 17,748 का निस्तारण किया जा चुका है। इस तरह विभाग की शिकायत निस्तारण दर 95.45 प्रतिशत रही। वहीं, 90 दिन से अधिक समय से लंबित परिवेदनाओं की संख्या केवल तीन बताई गई।

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की स्थिति की समीक्षा में सामने आया कि हेल्पलाइन पर 4,044 परिवेदनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 3,665 का निस्तारण किया जा चुका है। यह कुल शिकायतों का 90 प्रतिशत से अधिक है।

एसीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि माइंस विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी बारी-बारी से नियमित रूप से संपर्क हेल्पलाइन पर उपस्थित होकर शिकायतों की सुनवाई और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति दें। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाधान की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने संपर्क पोर्टल से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए शिकायतों की प्रकृति, क्षेत्रवार स्थिति, अधिकारी स्तर पर लगने वाले समय और निस्तारण की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कम से कम समय में शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

अपर्णा अरोरा ने कहा कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन सरकार और आम नागरिकों के बीच संवाद का साझा मंच है। इसके जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा पा रहे हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई।

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बैठक में निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के भुवनेश माथुर, निदेशक पब्लिक ग्रीवेंस हर्ष सावनसुखा, तकनीकी निदेशक संपर्क पोर्टल जीके शर्मा, अतिरिक्त निदेशक सुदर्शन, खान विभाग के ओएसडी अनुज सक्सेना, श्रीकृष्ण शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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