भरतपुर में भाजपा का ‘मास्टरस्ट्रोक’, अनुराधा सिंह बिना चुनाव लड़े बनेंगी मेयर!
भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा की अनुराधा सिंह अकेली उम्मीदवार रह गई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे पार्टी के प्रति समर्थन बताया। भरतपुर में 65 वार्डों के परिणाम के बाद मेयर पद को लेकर निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम बनी हुई थी और अब चुनावी मुकाबला खत्म हो गया।
- भरतपुर नगर निगम में भाजपा की राह हुई आसान, अनुराधा सिंह का मेयर बनना अब पूरी तरह तय।
- निर्दलीय प्रत्याशी के मैदान छोड़ने से भरतपुर में बिना वोटिंग के ही भाजपा ने मारी बाजी।
- मदन राठौड़ ने अनुराधा सिंह को दी बधाई, कहा- यह भाजपा और मेयर पद के लिए जनता का बढ़ता विश्वास है।
BJP’s ‘masterstroke’ in Bharatpur : भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में शुक्रवार को तस्वीर बदल गई। निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा की अनुराधा सिंह मेयर पद की एकमात्र उम्मीदवार रह गई हैं। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 18 सितंबर थी।
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विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अनुराधा सिंह को शुभकामनाएं दीं। राठौड़ ने कहा कि भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों का भाजपा के साथ आना पार्टी और राज्य सरकार की नीतियों में उनके विश्वास को दर्शाता है। यह बयान भाजपा की ओर से जारी किया गया है।
65 वार्डों के नतीजों के बाद अहम था निर्दलीयों का समर्थन
भरतपुर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। निकाय चुनाव के परिणामों में भाजपा के 20, कांग्रेस के 7 और निर्दलीय प्रत्याशी 36 वार्डों में विजयी रहे थे। इस वजह से मेयर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।
मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 61 की पार्षद अनुराधा सिंह को प्रत्याशी बनाया था। वहीं वार्ड 17 की पार्षद विचित्रा सिंह ने कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। 18 सितंबर को नामांकन वापस लेने के बाद अब अनुराधा सिंह के सामने कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं है।
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राठौड़ बोले- समर्थन से विकास को गति मिलेगी
मदन राठौड़ ने कहा कि भरतपुर के निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा की रीति-नीति और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार की योजनाओं पर भरोसा जताते हुए विकास के लिए साथ आने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जुड़ने वाले निर्दलीय पार्षद क्षेत्र के विकास में सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
राठौड़ ने यह भी कहा कि भरतपुर में मिले समर्थन से क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है। उन्होंने भाजपा की ओर से ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम करने की बात कही।
मंत्री बेढम की मौजूदगी में नाम वापस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में विचित्रा सिंह ने अपना नामांकन वापस लिया। नामांकन वापसी के बाद मेयर पद का मुकाबला समाप्त हो गया।
इस घटनाक्रम पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा की ओर से इसे विकास के लिए समर्थन के रूप में बताया गया है, जबकि विपक्षी नेताओं ने नामांकन वापसी की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। इन दावों और प्रतिक्रियाओं को संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए।
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मदन राठौड़ ने कहा कि भरतपुर के अलावा राज्य के कई अन्य निकायों में भी भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध अध्यक्ष या मेयर बनने की स्थिति में पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगह विपक्षी उम्मीदवारों ने नामांकन नहीं भरा, जबकि कुछ स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने नाम वापस लेकर भाजपा को समर्थन दिया।



