गहलोत का बड़ा हमला: “नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने पार की सारी हदें, पुलिस-प्रशासन का हुआ दुरुपयोग!
लोकतंत्र की धज्जियां उड़ रही हैं! अशोक गहलोत ने स्थानीय निकाय चुनावों में सरकारी मशीनरी के बेजा इस्तेमाल पर जताई गहरी चिंता, बोले- पंचायत चुनाव से पहले यह खतरनाक मिसाल।
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हालिया नगर निगम चुनावों में सत्ताधारी बीजेपी पर प्रशासनिक और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
- गहलोत ने दावा किया कि निर्दलीय पार्षदों को लालच दिया गया और कांग्रेस पार्षदों को पुलिस समन व नोटिस देकर लगातार दबाव में रखा गया।
- उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की है कि भविष्य के सभी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएं ताकि जनता का लोकतंत्र से भरोसा न उठे।
Ashok Gehlot Expresses Concern Over Municipal Election Management in Rajasthan: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर पारा हाई हो गया है! हाल ही में संपन्न हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक कड़े बयान में गहलोत ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नगर निगम बोर्डों पर कब्जा जमाने के लिए लोकतंत्र की सारी सीमाओं को लांघ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का जिस तरह से इस्तेमाल हुआ है, वह बेहद डरावना और लोकतांत्रिक प्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है।
गहलोत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कई सनसनीखेज खुलासे किए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान निर्दलीय पार्षदों को खुलेआम प्रलोभन दिए गए, जबकि कांग्रेस के पार्षदों को बेवजह पुलिस समन, नोटिस और तमाम तरह की बंदिशों से डराया गया। हालात यह थे कि चुनाव प्रक्रिया के बीच पड़ोसी राज्यों तक के पुलिसकर्मी मैदान में मुस्तैद दिखे और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि राजस्थान उच्च न्यायालय को देर रात तक याचिकाओं पर सुनवाई करनी पड़ी। पूर्व सीएम ने चेताया कि यदि यही रवैया रहा, तो आने वाले पंचायत चुनावों में निष्पक्षता की उम्मीद करना बेमानी होगा।
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सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस अब पंचायत चुनावों के मैदान में उतरने से पहले इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। गहलोत ने दोटूक शब्दों में कहा कि सत्ता के नशे में सरकारी तंत्र और पैसों का ऐसा बेहिसाब दुरुपयोग संस्थानों में जनता के भरोसे को कमजोर कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया है कि वे आगे आने वाले चुनावों में इन सब चीजों पर रोक लगाएं ताकि चुनावी प्रक्रिया की गरिमा और जनता का विश्वास सुरक्षित रह सके।



