जयपुर में भगवा आक्रोश रैली, परकोटे को लेकर उठी आवाज
जयपुर के परकोटा क्षेत्र में रविवार को युवा शक्ति मंच राजस्थान के आह्वान पर भगवा आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में संतों, युवाओं और आमजन ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बहुसंख्यक वर्ग के पलायन को रोकने और शहर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की मांग उठाई। खोले के हनुमान जी मंदिर से शुरू हुआ कारवां अल्बर्ट हॉल पहुंचकर समाप्त हुआ।
- जयपुर में भगवा आक्रोश रैली के जरिए सांस्कृतिक विरासत बचाने की मांग उठी।
- परकोटा क्षेत्र से बहुसंख्यक वर्ग के पलायन का मुद्दा रैली में प्रमुख रहा।
- भगवा आक्रोश रैली में संतों, युवाओं और बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया।
Voices raised regarding the city wall : राजधानी जयपुर में रविवार को परकोटा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और यहां से बहुसंख्यक वर्ग के कथित पलायन के मुद्दे को लेकर बड़ी रैली निकाली गई। युवा शक्ति मंच राजस्थान के आह्वान पर आयोजित भगवा आक्रोश रैली में संतों, युवाओं और आमजन की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे आयोजन के दौरान भगवा ध्वज और धार्मिक उद्घोषों से माहौल गूंजता रहा।

रैली का समापन रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल के सामने हुआ। यहां संतों और आयोजकों ने जयपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। आयोजकों ने शहर की पारंपरिक पहचान को मजबूत करने के साथ परकोटा क्षेत्र से लोगों के पलायन से जुड़े मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया।

इससे पहले खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। मंदिर के बाहर बनाए गए मंच से संतों ने रैली में शामिल लोगों को संबोधित किया। इसके बाद जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामदास महाराज ने भगवा झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
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रैली गंगापोल रोड से आगे बढ़ते हुए जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के सामने पहुंची। इसके बाद कारवां सुभाष चौक, चांदी की टकसाल, बड़ी चौपड़ और त्रिपोलिया होते हुए किशनपोल बाजार की ओर बढ़ा। अजमेरी गेट से होते हुए रैली रामनिवास बाग चौराहे पहुंची और फिर अल्बर्ट हॉल के सामने इसका समापन हुआ।
परकोटे के प्रमुख बाजारों से गुजर रही रैली को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जुटे। आयोजकों के अनुसार, एक दर्जन से अधिक स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए और रैली पर पुष्पवर्षा की गई। कई जगह लोगों ने भगवा ध्वज लेकर प्रतिभागियों का स्वागत किया।
रैली में सबसे आगे भगवा वस्त्र पहने करीब 2100 महिलाएं चल रही थीं। उनके पीछे बड़ी संख्या में आमजन शामिल रहे। आयोजकों के मुताबिक, रैली में 10 हजार से अधिक दोपहिया वाहन और 500 से ज्यादा चौपहिया वाहन भी शामिल हुए। हालांकि, ये आंकड़े आयोजकों की ओर से बताए गए हैं।
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कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संत-महंत और साधु-संत भी मौजूद रहे। धार्मिक माहौल के बीच लगातार जय श्रीराम के उद्घोष सुनाई देते रहे। युवा शक्ति मंच के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने कहा कि जयपुर की सांस्कृतिक विरासत केवल वर्तमान शहर की पहचान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों से जुड़ी धरोहर भी है। उन्होंने इसे सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी बताया।



