जीरो टॉलरेंस पर सख्त भजनलाल, कई अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई
राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार, कदाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोषी चिकित्सा अधिकारी को सेवा से हटाने, दो अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने, एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन में कटौती तथा अन्य मामलों में अभियोजन और विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी।
- जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भजनलाल शर्मा ने कई अधिकारियों पर कार्रवाई की।
- भजनलाल शर्मा ने दोषी चिकित्सा अधिकारी को सरकारी सेवा से पदच्युत करने की मंजूरी दी।
- जीरो टॉलरेंस के तहत रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता पर सख्त कदम उठाए गए।
Bhajanlal firm on zero tolerance : राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को आगे बढ़ाते हुए कई अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक, विभागीय और अभियोजन संबंधी कार्रवाई को मंजूरी दी है।
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सबसे प्रमुख कार्रवाई दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी सिद्ध हुए एक चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ की गई है। भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और 406 के तहत दोष सिद्ध होने के बाद उन्हें सरकारी सेवा से पदच्युत करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत दो सेवारत अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की स्वीकृति भी दी है। वहीं, एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से रोकने का फैसला किया गया। इसके अलावा सीसीए नियम-34 के अंतर्गत समीक्षा के पांच मामलों में संबंधित अधिकारियों की अपील खारिज कर पूर्व में दिए गए दंड को यथावत रखा गया है।
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रिश्वतखोरी के एक मामले में तत्कालीन वृत्ताधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत अभियोजन स्वीकृति जारी की गई है। वहीं भीलवाड़ा के तत्कालीन सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी राकेश खोईवाल के खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी प्रदान की गई है।
इसके अलावा राजकीय भूमि आवंटन में पद के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़े एक मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी के खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अनुमति भी दी गई है।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि भ्रष्टाचार, कदाचार और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और नियमानुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।



