कानून-व्यवस्था पर सख्त भजनलाल, तीन अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई

राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरपीएस अधिकारियों और जेल सेवा की एक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है। लापरवाही, अनियमितता और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चूक के मामलों में निलंबन, विभागीय जांच और सीसीए नियम 16 के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

  • भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
  • भजनलाल शर्मा ने महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
  • कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो आरपीएस अधिकारियों पर विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई मंजूर।

Bhajanlal takes a tough stance on law and order : राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त रुख लगातार देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने दो राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारियों और जेल सेवा की एक अधिकारी के खिलाफ अलग-अलग मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है।

यह भी पढ़ें ; अमित शाह से मिले डॉ. सतीश पूनियाँ, संगठन को लेकर मिला खास मार्गदर्शन

सबसे बड़ी कार्रवाई जयपुर स्थित महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक सरोज विश्नोई पर हुई है। उनके खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से निलंबन को मंजूरी दी है। साथ ही उनका मुख्यालय जयपुर से भरतपुर किए जाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया है। शिकायतों में आरोप था कि एक महिला बंदी को विशेष संरक्षण दिया जा रहा था, उसे कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप की अनुमति थी और नियमों के विपरीत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए धन लेने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आई थीं।

इसी क्रम में जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में कार्यरत सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) देरावर सिंह के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुमति दी गई है। आरोप है कि डीग जिले के कामां थाने में पुलिस निरीक्षक रहते हुए उन्होंने हत्या के एक गंभीर मामले की जांच में लापरवाही बरती और कई आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।

वहीं, आरपीएस अधिकारी लाभुराम विश्नोई के खिलाफ विभागीय जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बनास नदी में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्होंने उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया। साथ ही संबंधित विभागों से समन्वय के अभाव में कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और पुलिस टीम की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ गई।

यह भी पढ़ें ; SBI जयपुर सर्किल को मिले नए मुख्य महाप्रबंधक, ओंकार नाथ चौधरी ने संभाली कमान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इन फैसलों को प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button