बीकानेर हाउस में छाया तीज का रंग, कुतले खान ने बांधा समां
नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में तीजोत्सव-2026 राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपराओं का रंग बिखेर रहा है। लोकगायक कुतले खान की लोक एवं सूफी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधा। हस्तशिल्प, पारंपरिक खेल, क्राफ्ट मेला और राजस्थानी व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण बने हुए हैं। सोमवार को समापन से पहले लोग उत्सव का भरपूर आनंद उत्साह के साथ ले रहे हैं।
- बीकानेर हाउस में तीजोत्सव-2026 में राजस्थानी संस्कृति की दिखी झलक।
- तीजोत्सव-2026 में कुतले खान की लोक-सूफी प्रस्तुति रही खास आकर्षण।
- तीजोत्सव में हस्तशिल्प, पारंपरिक खेल और राजस्थानी व्यंजन लोगों को लुभा रहे हैं।
Teej festivities light up Bikaner House : बीकानेर हाउस में चल रहा तीजोत्सव-2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। राजस्थान की लोक संस्कृति, संगीत, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और कला को समर्पित इस आयोजन में दिल्लीवासियों के साथ राजस्थान से जुड़े लोगों को भी प्रदेश की रंगीन विरासत को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। उत्सव का समापन सोमवार को होगा।

रविवार की सांस्कृतिक संध्या में जैसलमेर के प्रसिद्ध लोकगायक कुतले खान ने अपनी लोक और सूफी प्रस्तुतियों से माहौल में खास रंग भर दिया। उनकी आवाज के साथ बीकानेर हाउस का परिसर राजस्थानी लोक संगीत की धुनों से गूंज उठा। राजस्थान पर्यटन की ओर से आयोजित इस प्रस्तुति में कई लोकप्रिय लोक एवं सूफी रचनाएं पेश की गईं।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत ‘केसरिया बालम’ से हुई। इसके बाद ‘झूले झूले लाल’, ‘छाप तिलक’, ‘घूमर’, ‘वारी जाऊं रे’ सहित कई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को जोड़े रखा। लोक और सूफी संगीत के मेल ने कार्यक्रम को देर तक यादगार बनाए रखा।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
इससे पहले तीजोत्सव में लगे क्राफ्ट मेले, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। राजस्थान के विभिन्न पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री के जरिए शिल्पकारों और लोक कलाकारों को अपनी कला सामने रखने का मंच मिला।
राजस्थानी खानपान के लिए लगाए गए फूड स्टॉल भी उत्सव में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बने हुए हैं। पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद ने लोगों को राजस्थान की समृद्ध खानपान परंपरा से रूबरू कराया। मेले में घूमते हुए लोग खरीदारी के साथ राजस्थानी स्वाद का भी आनंद लेते नजर आए।
रविवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तीजोत्सव का अवलोकन किया। इनमें सांसद पी.पी. चौधरी, राहुल कस्वां, राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद और गाजियाबाद सांसद अतुल गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे। केंद्र और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आयोजन का जायजा लिया।
प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने अतिथियों का राजस्थानी साफा पहनाकर स्वागत किया और उन्हें मेले में मौजूद विभिन्न स्टॉल व गतिविधियों का अवलोकन कराया। उन्होंने कहा कि बीकानेर हाउस का तीजोत्सव दिल्ली में राजस्थान की लोक संस्कृति, कला, संगीत, हस्तशिल्प और खानपान को एक मंच पर अनुभव करने का अवसर दे रहा है।
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अब सभी की नजर सोमवार को होने वाले समापन समारोह पर है। अंतिम दिन भी आयोजन में राजस्थानी संस्कृति की झलक, पारंपरिक रंग और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।



