बीकानेर में बनेगा श्री परशुराम ज्ञानपीठ, समाज को मिलेगा नया केंद्र

बीकानेर में श्री परशुराम ज्ञानपीठ के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। यूआईटी ने गांधी कॉलोनी स्थित आवंटित भूमि का सीमांकन कर उसे विप्र फाउंडेशन को सौंप दिया। जयपुर की तर्ज पर बनने वाला यह केंद्र शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास, युवा नेतृत्व, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक उत्थान की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

  • श्री परशुराम ज्ञानपीठ के लिए बीकानेर में भूमि का हस्तांतरण पूरा हुआ।
  • बीकानेर में शिक्षा, संस्कार और कौशल विकास का नया केंद्र विकसित होगा।
  • विप्र फाउंडेशन देशभर में समाजोत्थान केंद्रों के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ा।

Shri Parashuram Gyanpeeth to be built in Bikaner : बीकानेर में श्री परशुराम ज्ञानपीठ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यूआईटी बीकानेर ने गांधी कॉलोनी स्थित आवंटित भूमि का विधिवत सीमांकन कर उसे विप्र फाउंडेशन को सौंप दिया। इसके साथ ही लंबे समय से प्रस्तावित इस परियोजना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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जयपुर मॉडल पर विकसित होने वाला यह ज्ञानपीठ केवल एक भवन नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, व्यक्तित्व विकास, कौशल प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता का बहुआयामी केंद्र बनेगा। यहां युवाओं के नेतृत्व विकास, महिला सशक्तीकरण और समाजहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे।

विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक आयोजन करना नहीं है, बल्कि ऐसी स्थायी संस्थाएं विकसित करना है, जहां आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सेवा और व्यक्तित्व विकास के अवसर लगातार मिलते रहें।

उन्होंने बताया कि बीकानेर में ज्ञानपीठ के जुड़ने के बाद विप्र फाउंडेशन के समाजोत्थान केंद्रों की संख्या देशभर में नौ हो जाएगी। कोलकाता, जयपुर, सूरत, उदयपुर, रायपुर, सागवाड़ा, परशुराम कुंड, सरदारशहर और अब बीकानेर में ऐसे केंद्र समाज के विभिन्न वर्गों के लिए गतिविधियां संचालित करेंगे। इनमें से कई केंद्र पहले से सक्रिय हैं और शिक्षा, स्वावलंबन, संस्कार एवं सामाजिक विकास के कार्यक्रम चला रहे हैं।

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भूमि हस्तांतरण को संस्था की दीर्घकालिक सोच और समाज के लिए स्थायी आधारभूत ढांचा तैयार करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

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