गांव में पहुंचा समाधान, बिरला ने सुनीं समस्याएं
बूंदी के कैथूदा में आयोजित सांसद जन सेवा अभियान शिविर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में दस्तावेजों की त्रुटियां बाधा न बनें। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत देना है।
- सांसद जन सेवा अभियान में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
- ओम बिरला ने मौके पर आधार संबंधी समस्या का समाधान कराया।
- सरकारी योजनाओं से पात्र परिवारों को जोड़ने के दिए निर्देश।
Solutions reach the village, Birla listens to grievances : सरकारी योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित सांसद जन सेवा अभियान शिविर में मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। बूंदी जिले के तालेड़ा उपखंड की कैथूदा ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में उन्होंने अलग-अलग विभागों की स्टॉल्स का निरीक्षण किया और वहां चल रही सेवाओं की जानकारी ली।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, खाद्य सुरक्षा, जनआधार और श्रमिक डायरी जैसी सेवाओं से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। बिरला ने लोगों की बातें ध्यान से सुनीं और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनमें संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें ; निकाय चुनाव में युवाओं-महिलाओं का जोश बढ़ा : मदन राठौड़
इस दौरान एक ग्रामीण की लंबे समय से लंबित आधार संबंधी समस्या भी सामने आई। बिरला ने उसकी परेशानी की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद मौके पर आधार मशीन उपलब्ध कराई गई और करीब आधे घंटे में संबंधित कार्य पूरा कर दिया गया।
बिरला ने कहा कि जनसेवा शिविर का मतलब सिर्फ आवेदन जमा करना नहीं होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की समस्या मौके पर हल हो सकती है तो उसे दोबारा सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से इसी सोच के साथ काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि कई बार दस्तावेजों में छोटी सी गलती या जानकारी अपडेट नहीं होने के कारण पात्र व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से दूर रह जाता है। इसलिए गांवों में लोगों को जागरूक करने के साथ उनके जरूरी दस्तावेजों की स्थिति भी जांची जानी चाहिए।
राशन कार्ड और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य का नाम रिकॉर्ड में छूटने या गलत जानकारी दर्ज होने से पात्र परिवारों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों को प्राथमिकता से ठीक करने और पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
बिरला ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित हैं। इन योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सिर्फ प्रक्रिया पूरी करने के बजाय सेवा भावना के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और विभागीय अधिकारियों से गांव-गांव जाकर लोगों को योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देने को कहा। साथ ही, जहां दस्तावेजों में कमी या त्रुटि मिले, वहां संबंधित व्यक्ति की मदद कर उसे दुरुस्त कराने पर जोर दिया।
यह भी पढ़ें ; 181 हेल्पलाइन केंद्र पहुंचीं डोरा आयुक्त, ऑन-द-स्पॉट सुलझीं आम जनता की शिकायतें
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि शिविर में अपनी समस्या लेकर आने वाला हर ग्रामीण एक उम्मीद के साथ पहुंचता है। ऐसे में उसकी जायज परेशानी को गंभीरता से सुनना और उसे समाधान तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।



