‘कमजोर प्रत्याशी का भी साथ न छोड़ें!’… बीजेपी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का कड़ा संदेश
निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा की अहम बैठक में संगठन की एकजुटता पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने नेताओं से कहा कि प्रत्याशी कमजोर हो तब भी चुनाव खत्म होने तक उसके साथ मजबूती से खड़ा रहना है। बैठक में सांसदों की सक्रियता बढ़ाने और सोशल मीडिया प्रचार को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
- बीएल संतोष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निकाय चुनाव में कमजोर प्रत्याशी का भी साथ न छोड़ें और उसे जिताने का प्रयास करें।
- सांसदों की सक्रियता का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा, जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान उनकी भूमिका बढ़ाने पर मंथन हुआ।
- सोशल मीडिया और आईटी विंग को पूरी ताकत झोंककर डिजिटल प्रचार पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
BJP National General Secretary (Organization) BL Santhosh’s stern message : निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी की अहम बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रत्याशी कमजोर नजर आ रहा हो, तब भी चुनाव के आखिरी दौर तक उसका साथ नहीं छोड़ा जाए।

दरअसल, बैठक में एक नेता ने सुझाव दिया कि जिन वार्डों में भाजपा प्रत्याशी की स्थिति कमजोर है और कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सीधा मुकाबला है, वहां निर्दलीय प्रत्याशी को अभी से साधने की कोशिश की जा सकती है। इससे चुनाव के बाद बोर्ड बनाने में पार्टी को फायदा मिलने की संभावना जताई गई।
यह भी पढ़ें ; भीलवाड़ा में सियासी पारा हाई, शनिवार को रोड शो करेंगे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
इस सुझाव पर बीएल संतोष ने साफ कहा कि भाजपा को अपने प्रत्याशी के साथ ही मजबूती से खड़ा रहना है। उम्मीदवार की स्थिति चाहे जैसी हो, संगठन को चुनाव तक उसके लिए पूरी ताकत से काम करना चाहिए और उसे जिताने का प्रयास करना चाहिए।
बीएल संतोष सुबह करीब 9 बजे भाजपा कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्होंने चुनाव से जुड़े नेताओं से फीडबैक लिया। चुनाव संचालन समिति की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, निकाय चुनाव की जिम्मेदारी संभाल रहे केंद्रीय नेता और संचालन समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन के स्तर पर जमीनी स्थिति की भी जानकारी ली गई। अलग-अलग क्षेत्रों से मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। पार्टी का जोर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और प्रत्याशियों के समर्थन में संगठन की पूरी ताकत लगाने पर रहा।
यह भी पढ़ें ; राजस्थान के हाइवे ने ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026’ में मारी बाजी, देश में मिला तीसरा स्थान
बैठक के दौरान सांसदों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठा। शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि निकाय चुनाव में सांसद अपेक्षा के मुताबिक सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। इसके बाद बैठक में सांसदों की चुनावी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बीएल संतोष ने मीडिया, आईटी, सोशल मीडिया विभाग और प्रदेश प्रवक्ताओं के साथ भी बैठक की। इस दौरान सोशल मीडिया पर अधिक सक्रियता के निर्देश दिए गए। पार्टी की कोशिश है कि चुनावी मुद्दों और प्रत्याशियों के प्रचार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए।
बैठक के बाद बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल और प्रदेश के चुनिंदा नेताओं के साथ भी चर्चा की। इसमें निकाय चुनाव की रणनीति, संगठन की तैयारियों और आगे की चुनावी गतिविधियों को लेकर मंथन किया गया।
यह भी पढ़ें ; एयरटेल यूजर्स को बड़ा तोहफा, 12 महीने फ्री मिलेगा Duolingo Super
भाजपा की इन बैठकों से साफ है कि पार्टी निकाय चुनाव में संगठन के भीतर किसी तरह की ढिलाई नहीं चाहती। कमजोर माने जा रहे प्रत्याशियों को भी अंतिम समय तक पूरा समर्थन देने का संदेश देकर पार्टी ने स्थानीय स्तर पर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया है।



