निकाय चुनाव से पहले BJP का संकल्प पत्र तैयार, मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव से पहले भाजपा ने अपना चुनावी संकल्प पत्र तैयार कर लिया है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि बुधवार को प्रदेश स्तर का घोषणा पत्र जारी होगा, इसके बाद हर निकाय के लिए स्थानीय घोषणा पत्र आएगा। उन्होंने कांग्रेस पर कट-कमीशन का आरोप लगाते हुए भाजपा को जनता की सेवा के मिशन वाली पार्टी बताया।

  • निकाय चुनाव से पहले BJP बुधवार को प्रदेश स्तर का घोषणा पत्र जारी करेगी।
  • मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर कट-कमीशन के खेल का आरोप लगाया।
  • BJP संकल्प पत्र में स्थानीय समस्याओं और अगले पांच साल के काम शामिल होंगे।

BJP’s manifesto for civic body elections ready : राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी बुधवार को प्रदेश स्तर पर चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग शहरी निकायों के लिए स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग घोषणा पत्र जारी किए जाएंगे।

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने निकाय क्षेत्रों की जरूरतों को समझने के लिए सर्वे कराया है। इसके आधार पर तैयार किए गए संकल्प पत्र में अगले पांच वर्षों के दौरान शहरी निकायों में किए जाने वाले विकास कार्यों को शामिल किया गया है।

स्थानीय समस्याओं को बनाया आधार

राठौड़ के मुताबिक, चुनाव के लिए बनाई गई संकल्प पत्र समिति ने निकाय प्रमुखों के साथ चर्चा की और स्थानीय स्तर की समस्याओं की जानकारी जुटाई। पार्टी का दावा है कि इसी फीडबैक के आधार पर यह तय किया गया है कि अगले पांच साल में शहरों में किन मुद्दों पर काम किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा का यह संकल्प सिर्फ चुनावी घोषणा नहीं रहेगा, बल्कि पार्टी इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। राठौड़ ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा या भाजपा की गारंटी के तौर पर देखने की बात कही।

कांग्रेस पर कट-कमीशन का आरोप

निकाय चुनाव में भाजपा की जीत का दावा करते हुए मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में शहरी निकायों में कट और कमीशन का खेल चलता रहा।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कट-कमीशन में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा जनता की सेवा के मिशन में भरोसा करती है। उन्होंने भाजपा सरकार के कामकाज की तुलना कांग्रेस के पिछले कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने पांच साल में जितने काम नहीं किए, उससे ज्यादा काम भाजपा सरकार ने अपने 31 महीने के कार्यकाल में किए हैं।

हर निकाय के लिए अलग फोकस

भाजपा की रणनीति प्रदेश स्तर के मुद्दों के साथ स्थानीय समस्याओं को भी चुनावी एजेंडे में रखने की है। पार्टी के अनुसार, शहरों की जरूरतें एक जैसी नहीं हैं, इसलिए स्थानीय निकायों के घोषणा पत्र में क्षेत्र विशेष से जुड़े विकास कार्यों और समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

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शहरी निकाय चुनाव में अब घोषणा पत्र जारी होने के बाद भाजपा अपने संकल्प और विकास के एजेंडे के साथ मतदाताओं के बीच जाने की तैयारी में है। ऐसे में स्थानीय मुद्दों के साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी चुनावी माहौल को और गर्म कर सकते हैं।

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