निकाय चुनाव में युवाओं-महिलाओं का जोश बढ़ा : मदन राठौड़
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय चुनावों को लेकर युवाओं और महिलाओं में दिख रहे उत्साह को पार्टी के प्रति सकारात्मक माहौल का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से सरकारी खर्च और प्रशासनिक दबाव कम होगा। जयपुर में निकाय चुनाव मार्गदर्शिका के विमोचन कार्यक्रम में राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंचाने की अपील की।
- निकाय चुनाव में युवाओं और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को राठौड़ ने सकारात्मक संकेत बताया।
- युवाओं को राजनीति में आगे आने और जनसेवा के लिए तैयार होने पर जोर।
- निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने मार्गदर्शिका जारी कर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए।
Enthusiasm among youth and women has risen in the civic body elections : राजस्थान में निकाय एवं पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ते उत्साह को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि खासतौर पर युवाओं और महिलाओं में दिखाई दे रहा जोश प्रदेश में भाजपा के प्रति अनुकूल माहौल का संकेत है।
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राठौड़ मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में विधि प्रकोष्ठ की ओर से निकाय चुनावों के लिए तैयार की गई मार्गदर्शिका पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की भूमिका, चुनावी तैयारियों और बार-बार होने वाले चुनावों के असर पर अपनी बात रखी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक हर चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सजग भूमिका निभाते हैं। उनके मुताबिक मतदाता लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जनता तक सही तथ्य और जानकारी पहुंचाएं।
उन्होंने विपक्ष की ओर से दी जाने वाली गलत या भ्रामक जानकारी का भी उल्लेख किया और कहा कि कार्यकर्ताओं को तथ्यों के आधार पर मतदाताओं को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने चुनाव को लोकतंत्र का पर्व बताते हुए कार्यकर्ताओं से जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राठौड़ ने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की भावना के तहत निकाय और पंचायती राज चुनाव कराने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी खर्च बढ़ता है और प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है।
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उनके अनुसार चुनाव के दौरान लागू होने वाली आचार संहिता का असर विकास कार्यों पर भी पड़ता है। कई योजनाओं और निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। इसलिए बार-बार चुनाव कराने के बजाय एकीकृत चुनाव व्यवस्था पर विचार जरूरी है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पार्टी में युवाओं की भूमिका को लेकर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को राजनीति में आगे आने के अवसर मिलने चाहिए। पार्टी अपने युवा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें जनप्रतिनिधि के तौर पर काम करने के लिए तैयार करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से सीख लेकर जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। राजनीति में नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ने से संगठन को भी नई ऊर्जा मिलती है।
निकाय चुनाव की तैयारियों का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दे रहा है और युवाओं तथा महिलाओं की सक्रियता विशेष रूप से नजर आ रही है। उन्होंने इसे जमीनी स्तर पर सरकार के कामकाज और संगठन की मजबूती को लेकर लोगों के रुझान से जोड़कर देखा।
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कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ सारस्वत, सहसंयोजक भवानी सिंह राजावत, मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ और सोशल मीडिया संयोजक हिरेन्द्र कौशिक सहित कई पार्टी नेता मौजूद रहे।



