नगर निगम चुनाव : जयपुर में बीजेपी का बोर्ड, 78 वार्ड में जीत
जयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 78 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई और बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच गई। कांग्रेस को 53 सीटें मिलीं, जबकि 15 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी। 146 वार्डों की मतगणना पूरी हो चुकी है। चार वार्डों में पांच बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल भी चुनाव हार गईं।
- जयपुर में बीजेपी ने 78 वार्ड जीते
- कांग्रेस को 53 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं
- पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल चुनाव हार गईं
BJP secures board in Jaipur, wins 78 wards : जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने स्पष्ट बढ़त हासिल करते हुए बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है। नगर निगम के 150 वार्डों में से 146 वार्डों की मतगणना पूरी हो गई है। इनमें बीजेपी ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 53 सीटें आईं। 15 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।
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हालांकि चार वार्डों में पांच बूथों पर दोबारा मतदान होना है। इसके चलते इन वार्डों का अंतिम परिणाम री-पोलिंग के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा। मतगणना के साथ ही जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशियों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। निर्वाचन अधिकारियों ने काउंटिंग रूम में ही विजेता प्रत्याशियों को बुलाकर शपथ दिलानी शुरू की।
चुनाव परिणाम में बीजेपी और कांग्रेस दोनों खेमों के कुछ चर्चित चेहरों को भी झटका लगा। बीजेपी के लिए सबसे बड़ा उलटफेर वार्ड 110 में देखने को मिला, जहां जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मेठी ने हरा दिया। खास बात यह रही कि ज्योति खंडेलवाल अपने किसी भी बूथ पर बढ़त नहीं बना सकीं।
इसी तरह वार्ड 35 में बीजेपी नेता विमल कटियार को निर्दलीय प्रत्याशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 49 में कांग्रेस के धर्मसिंह सिंघानिया ने बीजेपी के मुकेश शर्मा उर्फ काका को शिकस्त दी।
वार्ड 28 का नतीजा भी चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह शेखावत ने जीत दर्ज करने के बाद कहा कि यह सिर्फ उनकी जीत नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं और जनता की जीत है। उन्होंने स्थानीय विधायक और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की चुनावी कैंपेनिंग पर भी सवाल उठाए। शेखावत ने कहा कि यदि क्षेत्र में विकास कार्य बेहतर होते तो मंत्री को घर-घर जाकर प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने क्षेत्र में सड़क, सफाई और खुले चैंबर जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने मतदान के जरिए इन मुद्दों पर अपना जवाब दिया है।
वहीं वार्ड 80 में निर्दलीय प्रत्याशी रेणु चौधरी ने जीत हासिल की। जीत के बाद उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना होगी। उन्होंने सफाई व्यवस्था, सड़कों और रोड लाइट समेत रोजमर्रा से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
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जयपुर नगर निगम के चुनावी नतीजों ने जहां बीजेपी को बोर्ड बनाने का मौका दिया है, वहीं कांग्रेस के सामने विपक्ष की भूमिका में मजबूत तरीके से काम करने की चुनौती होगी। निर्दलीय पार्षदों की 15 सीटें भी आगे की राजनीतिक तस्वीर में अहम भूमिका निभा सकती हैं।



