जयपुर में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की ऐतिहासिक बैठक, ‘जयपुर घोषणापत्र’ से बदलेगी तस्वीर

जयपुर में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक में जयपुर घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। भारत की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में पर्यटन सहयोग, कृत्रिम मेधा, संवहनीय पर्यटन, कौशल विकास और निर्बाध यात्रा पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पर्यटन को लोगों और समुदायों को जोड़ने वाला माध्यम बताते हुए साझा प्रयासों पर जोर दिया।

  • जयपुर घोषणापत्र को सर्वसम्मति से पारित कर ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन सहयोग का नया ढांचा तैयार किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन सीधे लोगों को जोड़ने और रोजगार पैदा करने का बड़ा साधन है।
  • 9 ब्रिक्स देशों के पर्यटन मंत्रियों और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने इस ऐतिहासिक शिखर वार्ता में हिस्सा लिया।

Historic meeting of BRICS Tourism Ministers in Jaipur : भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक शुक्रवार को जयपुर में संपन्न हुई। बैठक के दौरान ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसे सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें ; TEDxIIHMR U में अनदेखी आवाजों की गूंज

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के साथ 2026 में भारत की अध्यक्षता वाले ब्रिक्स पर्यटन ट्रैक का समापन भी हुआ। इस वर्ष की थीम ‘अनुकूलनीयता, नवाचार, सहयोग और संवहनीयता का निर्माण’ रही।

जयपुर में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की ऐतिहासिक बैठक, 'जयपुर घोषणापत्र' से बदलेगी तस्वीर
Image Source : Via X

बैठक में ब्रिक्स के नौ सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ब्राजील के पर्यटन मंत्री गुस्तावो कोस्टा फेलिसियांडो, ईरान के सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन एवं हस्तशिल्प मंत्री रजा सालेही अमीरी, दक्षिण अफ्रीका की पर्यटन मंत्री पेट्रिशिया डी लिले और संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तऊक अल मारी सहित अन्य देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। चीन, इथोपिया, इंडोनेशिया और रूस के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए।

जयपुर घोषणापत्र में भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स पर्यटन कार्य समूह की चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर हुए काम को शामिल किया गया है। इनमें कृत्रिम मेधा और पर्यटन, संवहनीय एवं जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल एवं क्षमता निर्माण तथा पर्यटन आदान-प्रदान और निर्बाध यात्रा सुविधा प्रमुख हैं।

जयपुर में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की ऐतिहासिक बैठक, 'जयपुर घोषणापत्र' से बदलेगी तस्वीर
Image Source : Via X

घोषणापत्र में पर्यटन क्षेत्र में जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित कृत्रिम मेधा तथा डिजिटल तकनीकों की भूमिका को स्वीकार किया गया है। इसके साथ ही पर्यटन योजना, गंतव्य प्रबंधन, पर्यटकों की सेवाओं, बहुभाषी संवाद और यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

ब्रिक्स देशों ने प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ समुदाय-केंद्रित पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी सहमति जताई। पर्यटन निवेश, बुनियादी ढांचे, नए पर्यटन उत्पादों के विकास, कौशल प्रशिक्षण और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही गई।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी सहयोग का हिस्सा बनाया गया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच पर्यटन संबंधों को मजबूत करना और आम लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाना है।

बैठक को संबोधित करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन की बड़ी भूमिका है। उनके अनुसार, पर्यटन का लाभ केवल बड़े शहरों और प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कस्बों, गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यटन होटल और होमस्टे संचालकों से लेकर टैक्सी ऑपरेटरों, गाइड, कारीगरों, बुनकरों, किसानों और उद्यमियों तक बड़ी संख्या में लोगों के लिए आजीविका और अवसर पैदा करता है। शेखावत ने ऐसे पर्यटन मॉडल की जरूरत बताई जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार, तकनीक से सक्षम और सांस्कृतिक रूप से प्रामाणिक हो।

शेखावत ने पर्यटन को लोगों को जोड़ने वाला माध्यम बताते हुए कहा कि इससे समुदायों के लिए अवसर पैदा होते हैं और विभिन्न देशों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति और जीवन को करीब से समझने का मौका मिलता है।

जयपुर बैठक के दौरान भारत ने ब्राजील, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन चर्चाओं में पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और संबंधित देशों के बीच संपर्क मजबूत करने के मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक के साथ भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पर्यटन ट्रैक पर पत्रकार वार्ता भी आयोजित की गई। इसमें बैठक के प्रमुख परिणामों और जयपुर घोषणापत्र को अपनाए जाने की जानकारी साझा की गई।

यह भी पढ़ें ; बाढ़ में घायल जॉयमोती की एयरलिफ्ट, अब वनतारा में इलाज

प्रतिनिधियों को जयपुर की कला, शिल्प और समुदाय आधारित पर्यटन से भी परिचित कराया गया। 22 अगस्त को मंत्री और प्रतिनिधि हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर किले सहित शहर के प्रमुख विरासत स्थलों का दौरा करेंगे। इससे उन्हें जयपुर की वास्तुकला, संस्कृति और समृद्ध पर्यटन विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

Related Articles

Back to top button