राजस्थान के युवा कलेक्टर्स संग मुख्य सचिव की हाई-लेवल बैठक

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने युवा जिला कलेक्टरों के साथ बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध, हरियालो राजस्थान और जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने, नियमित फील्ड विजिट करने और स्थानीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने को कहा। बैठक में नागरिक केंद्रित प्रशासन, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

  • युवा कलेक्टर्स संग संवाद : मुख्य सचिव ने साइबर अपराध, जल जीवन मिशन और हरियालो राजस्थान अभियान को लेकर युवा अफसरों को दिए सख्त निर्देश।
  • स्वास्थ्य व शिक्षा पर फोकस : हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग और स्कूलों के बुनियादी ढांचे के लिए 3,000 करोड़ रुपये के निवेश पर बनी रणनीति।
  • फील्ड विज़िट का निर्देश : जन-केंद्रित शासन और योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों को ग्राउंड लेवल पर एक्टिव रहने को कहा गया।

Chief Secretary’s high-level meeting with young Collectors of Rajasthan : राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने युवा जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर जिलों में चल रही प्रमुख योजनाओं और प्रशासनिक चुनौतियों की समीक्षा की। शासन सचिवालय में हुई बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध की रोकथाम, हरियालो राजस्थान और जल जीवन मिशन सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया गया।

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बैठक में मुख्य सचिव ने साफ कहा कि जिला प्रशासन का काम केवल सरकारी योजनाओं की निगरानी तक सीमित नहीं होना चाहिए। आम लोगों की जरूरतों को समझते हुए संवेदनशील और परिणाम देने वाला प्रशासन सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कलेक्टरों को नियमित रूप से फील्ड में जाने और योजनाओं की वास्तविक स्थिति खुद देखने के निर्देश दिए।

स्कूलों की सुविधाओं पर विशेष नजर

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान स्कूलों में मजबूत आधारभूत ढांचे, साफ पेयजल और बेहतर शैक्षणिक माहौल पर जोर दिया गया। कलेक्टरों से कहा गया कि वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें और जहां भवन, पानी या अन्य सुविधाओं की कमी मिले, वहां समाधान की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी कराएं।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। ऐसे में जिलों में काम की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी को महत्वपूर्ण बताया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर फोकस

स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला कलेक्टरों को नियमित समीक्षा करने और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने को कहा गया। विशेष रूप से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की निगरानी पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पतालों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। इससे गंभीर गर्भावस्था वाले मामलों की पहचान, रेफरल और उपचार को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता की भी नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराध पर तुरंत कार्रवाई

बैठक में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिला स्तरीय समितियों को सक्रिय रखने और पुलिस, बैंकिंग संस्थानों तथा संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने संदिग्ध और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे नए बैंक खातों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करने और लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।

हरियालो राजस्थान में पौधे लगाने से आगे की जिम्मेदारी

हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि केवल पौधरोपण का आंकड़ा बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण पर भी उतना ही ध्यान देना होगा।

उन्होंने अभियान को स्थानीय लोगों और संस्थाओं की भागीदारी से जोड़ने की बात कही, ताकि पौधों की नियमित देखभाल हो और अभियान का असर लंबे समय तक दिखाई दे।

जल जीवन मिशन में गुणवत्ता पर नजर

जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए पेयजल से जुड़े प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया गया। जिला कलेक्टरों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर फील्ड में चल रहे कामों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

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मुख्य सचिव ने कहा कि कलेक्टर सरकार और आमजन के बीच प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी फील्ड में सक्रियता से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता सीधे प्रभावित होती है। उन्होंने युवा अधिकारियों को तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रशासनिक तरीकों के जरिए नागरिक केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में अलवर, भरतपुर, दौसा, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर और करौली के जिला कलेक्टर मौजूद रहे।

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