मुख्य सचिव का अफसरों को संदेश: फील्ड में जाएं, योजनाओं की खुद करें निगरानी
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संयुक्त शासन सचिवों से कहा कि वे नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं की गहरी समझ के साथ काम करें। उन्होंने प्राथमिक योजनाओं की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग, क्षेत्रीय दौरों, समय पर रिपोर्टिंग और फाइलों पर स्पष्ट टिप्पणियां लिखने पर जोर दिया। कम बारिश के बीच सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश भी दिए।
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संयुक्त शासन सचिवों को समय की पाबंदी और नियमों की जानकारी पर जोर दिया।
- पीएम-कुसुम, पीएम श्री, जल जीवन मिशन और विश्व बैंक परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
- सूखा प्रबंधन, फील्ड विजिट और एआई आधारित शिक्षा पर अधिकारियों को सक्रिय रहने को कहा।
Chief Secretary Reviews Governance : सरकारी योजनाओं की असली तस्वीर फाइलों से ज्यादा जमीन पर दिखाई देती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संयुक्त शासन सचिवों को अपने-अपने विभागों की प्राथमिक योजनाओं की जमीनी स्थिति खुद देखने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
शासन सचिवालय में हुई बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयीन काम तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्रीय कार्यालयों और परियोजना स्थलों का दौरा कर योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन को समझें। उन्होंने क्षेत्र से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सुधार के सुझाव तैयार करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
यह भी पढ़ें : शोध को मिला सम्मान, वैज्ञानिकों की चमकी उपलब्धियां
मुख्य सचिव ने कहा कि संयुक्त शासन सचिव विभागीय कामकाज में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों को उन्हें सारभूत कार्यों और प्राथमिकता वाली योजनाओं की स्पष्ट जिम्मेदारी देनी चाहिए, ताकि हर अधिकारी के पास तय और जवाबदेह कार्यभार हो।
उन्होंने अलग-अलग विभागों की प्रमुख योजनाओं की व्यक्तिगत निगरानी पर भी जोर दिया। ऊर्जा विभाग में पीएम-कुसुम योजना, शिक्षा विभाग में पीएम श्री विद्यालय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जल जीवन मिशन और सार्वजनिक निर्माण विभाग में विश्व बैंक सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ ने बदली अपनी तस्वीर: उपराष्ट्रपति
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सरकारी कामकाज से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का अध्ययन करने की सलाह दी। खास तौर पर नवपदस्थ संयुक्त शासन सचिवों से कार्य संचालन नियम, कार्यालय प्रक्रिया संहिता, सेवा नियम, वित्तीय नियम और विभागीय परिपत्रों व मार्गदर्शिकाओं की जानकारी हासिल करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित बैठकों में नियमित रूप से शामिल होने और कार्यालय समय की सख्ती से पालना करने के निर्देश भी दिए।
कम बारिश के कारण प्रदेश में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को अभी से तैयारी करने को कहा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों और लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और ड्राउट मैनेजमेंट से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने तथा राज्य के ड्राउट मैनुअल का अध्ययन करने पर जोर दिया।
शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने शाला दर्पण पोर्टल की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए और कहा कि उपलब्ध शैक्षणिक आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पता लगाने को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल स्कूली शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए किस तरह किया जा सकता है।



