जल जीवन मिशन पर मुख्य सचिव सख्त, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण काम के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सभी परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर घर जल प्रमाणन, सुजलाम भारत आईडी, डीपीआर समीक्षा, संचालन एवं संधारण नीति और लंबित कार्यों में तेजी लाकर मिशन के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
- जल जीवन मिशन के कार्यों में गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- हर घर जल प्रमाणन और सुजलाम भारत आईडी के लंबित कार्य जल्द पूरे करने पर जोर।
- मुख्य सचिव ने डीपीआर, ओ एंड एम नीति और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा की।
Chief Secretary gets tough on Jal Jeevan Mission : राज्य में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मिशन की भौतिक और वित्तीय प्रगति के साथ विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका वित्तीय समापन भी बिना देरी के किया जाए और सभी प्रगति विवरण समय पर पोर्टल पर अपडेट किए जाएं। उन्होंने हर घर जल प्रमाणन, जल सेवा आकलन, सुजलाम भारत आईडी और जिला सुधार योजनाओं से जुड़े शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
यह भी पढ़ें ; मनरेगा बकाया भुगतान पर सख्ती, आयुक्त ने जारी किए कड़े निर्देश
बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं, कार्यादेशों की स्थिति, लंबित निविदाओं, वित्तीय व्यय और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में किसी कारणवश काम प्रभावित हो रहा है, उनकी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर कर कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने राष्ट्रीय जल जीवन मिशन स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। आईएमआईएस पोर्टल पर योजनाओं की प्रविष्टि, कार्यादेशों का अद्यतन, वित्तीय समायोजन, एसएनए-स्पर्श मॉड्यूल पर ऑनबोर्डिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), लागत युक्तिकरण और तकनीकी परीक्षण की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी परीक्षण शीघ्र पूरे कर आवश्यक प्रस्ताव एपेक्स समिति के माध्यम से राष्ट्रीय जल जीवन मिशन को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण (ओ एंड एम) के लिए व्यापक नीति को जल्द अंतिम रूप देने पर बल दिया। साथ ही पंचायती राज विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर नीति निर्माण और राज्य स्तर की बैठकों में तेजी लाने को कहा।
बैठक में जनजातीय और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों के लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर पात्र परिवारों तक सुरक्षित पेयजल की सुविधा समय पर पहुंचाई जाए।
यह भी पढ़ें ; कचरा प्रबंधन पर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, ग्राम स्तर पर जल गुणवत्ता परीक्षण, सामुदायिक भागीदारी और मिशन की निगरानी को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जल जीवन मिशन के लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरे हो सकें।



