कचरा प्रबंधन पर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विभागों और जिला प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण, जनजागरूकता और नियमित मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी पालन पर दिया गया जोर।
- मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को नियमित निगरानी और समीक्षा के निर्देश दिए।
- कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर हुई विस्तृत चर्चा।
Government strict on waste management : राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के क्रियान्वयन की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन सभी स्थानीय निकायों और विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक अनुपालनों को पूरा करने और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा।
यह भी पढ़ें ; ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में ओम बिरला का संदेश, हरियाली ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी
बैठक में स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और निस्तारण, बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) का पंजीकरण तथा खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर प्रभावी रोक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही स्वच्छता, जनजागरूकता अभियान, सूचना-शिक्षा-संचार (आईईसी) गतिविधियों और नियमित मॉनिटरिंग को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें और नगरीय निकायों तथा संबंधित विभागों के कार्यों की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई बाधा सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में यह भी बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के पालन की राष्ट्रीय स्तर पर नियमित समीक्षा कर रहा है। अदालत ने राज्यों से समय-समय पर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने और जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें ; जनसुनवाई में एक्शन मोड में दिखे मदन राठौड़, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
अधिकारियों ने राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की मौजूदा स्थिति और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की। बैठक में पर्यावरण अनुकूल, वैज्ञानिक और टिकाऊ कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।



