गांव की उम्मीद का पहला केंद्र सरपंच: मुख्यमंत्री

पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों से संवाद में मुख्यमंत्री ने गांवों के विकास का रोडमैप, सरकारी योजनाओं की पहुंच और जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने सरपंचों से ग्रामीणों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों को संदेश पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

  • पंचायतीराज: ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास पर फोकस।
  • सरपंच: ग्रामीणों की समस्याओं और उम्मीदों का पहला केंद्र।
  • वन स्टेट-वन इलेक्शन: संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने का दावा।

CM Connects with Panchayati Raj Representatives : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को तक्षशिला ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायतीराज जनप्रतिनिधि संवाद कार्यक्रम में कहा कि गांव की मजबूती ही राजस्थान के विकास की बुनियाद है। उन्होंने सरपंचों से ग्रामीणों के साथ लगातार संपर्क में रहने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने सरपंच कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें गांव के लोगों के बीच काम करने और उनकी जरूरतों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ मोतियाबिंद शिविर जैसे जनसेवा के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से काम करेंगी तो विकास का असर सीधे गांव के जीवन में दिखाई देगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर रही है। ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ के साथ पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन कोचिंग और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें।

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मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के लिए 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।

किसानों से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है। उनके अनुसार 76 लाख से अधिक किसानों को इस योजना के तहत 14,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। किसानों के लिए 150 बीज बैंक स्थापित किए गए हैं और वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।
ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण हुआ है। 327 अटल प्रगति पथों के लिए 813 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 282 कार्य पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 3 लाख 82 हजार आवास बनाए गए हैं, जबकि 4 लाख 53 हजार आवास निर्माणाधीन बताए गए।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और पेयजल योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न जल परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत 7 लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित होने और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के तहत करीब 9 हजार रिचार्ज शाफ्ट बनाए जाने की जानकारी दी। जल जीवन मिशन के माध्यम से 15 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि घुमंतू, अर्द्धघुमंतू एवं विमुक्त आवासहीन परिवारों को 52 हजार से अधिक पट्टे और स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख से अधिक स्वामित्व कार्ड दिए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत 41 हजार से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव घोषित किया गया है।

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पंचायतीराज व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के मानदेय में लगातार तीन वर्षों तक 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही 8 नई जिला परिषद, 94 नई पंचायत समितियां और 3,467 नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ के संकल्प को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर बेहतर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। देवलिया की स्वरूप चौधरी, रूण्डल की मोहिनी देवी, बोराज के सुरेंद्र सिंह मीणा, आसलपुर की सरला कुमावत और साईवाड़ के राजेंद्र बुनकर को मुख्यमंत्री ने संदेश पत्र प्रदान किए। अन्य जनप्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने कार्यकाल के अनुभव और नवाचार साझा किए।
इस दौरान पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक कैलाश वर्मा, शत्रुघन गौतम, महेंद्रपाल मीणा, कुलदीप धनकड़ और सरपंच संघ अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल सहित प्रदेशभर के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्वच्छता, रक्तदान, मेडिकल कैंप और पौधरोपण जैसे कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने तथा सरकार की योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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