वंदे मातरम् पर कांग्रेस को घेरा, CP जोशी बोले- राष्ट्रभावना से समझौता क्यों?

भाजपा सांसद सीपी जोशी ने वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने के कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के लिए राष्ट्रभावना से समझौता कर रही है। जोशी ने कहा कि वंदे मातरम् करोड़ों भारतीयों की देशभक्ति और मातृभूमि के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस से संसद द्वारा बनाए कानूनों का पालन करने की अपील भी की।

  • वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर सीपी जोशी का हमला।
  • राष्ट्रभावना के मुद्दे पर कांग्रेस की नीति पर सवाल।
  • तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ने की भाजपा सांसद ने दी नसीहत।

Congress cornered over Vande Mataram : वंदे मातरम् को लेकर राजस्थान में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कांग्रेस के उस रुख पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे गाए जाने की बात कही गई है। जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रभावना से जुड़े विषयों को भी विवाद का मुद्दा बना रही है।

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सीपी जोशी ने कहा कि वंदे मातरम् को केवल एक गीत के रूप में नहीं देखा जा सकता। उनके अनुसार, यह करोड़ों भारतीयों की देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत माता और राष्ट्रगीत से जुड़े विषयों पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों होती है।

भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह राष्ट्रभावना से जुड़े मुद्दों को लेकर किस तरह की राजनीति करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ऐसे विषयों पर भी विवाद खड़ा करती है, जिनका संबंध देश की संस्कृति, परंपरा और लोगों की भावनाओं से है।

जोशी ने 1937 में वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के ऐतिहासिक फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय राष्ट्रगीत को लेकर लिए गए निर्णय ने मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया और आगे चलकर देश के विभाजन की परिस्थितियों को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उस पुराने निर्णय को सुधारने का प्रयास किया गया है।

सांसद ने कांग्रेस के संविधान और संसद के प्रति सम्मान के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि संसद ने किसी विषय पर कानून या व्यवस्था बनाई है तो सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। उनके मुताबिक, संविधान की बात करने वालों के लिए संसद से पारित कानूनों और संवैधानिक व्यवस्थाओं का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।

सीपी जोशी ने कहा कि भारत की राजनीति अब पहले जैसी नहीं रही। उनके अनुसार, देश का आम नागरिक जाति और धर्म आधारित राजनीतिक समीकरणों से आगे बढ़कर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की भावना के साथ खड़ा हो रहा है। ऐसे में वंदे मातरम् का सम्मान किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा विषय होना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस पर अपनी पुरानी तुष्टिकरण की राजनीति जारी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान में किसी तरह का आधा-अधूरापन स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। जोशी ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता देगी या राष्ट्रभावना के साथ खड़ी होगी।

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वंदे मातरम् को लेकर सीपी जोशी का बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रगीत के गायन और उसके विभिन्न अंतरों को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हुई है। भाजपा इसे राष्ट्रभावना और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस के रुख को लेकर सत्तारूढ़ दल लगातार सवाल उठा रहा है।

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