फसल बीमा में फर्जीवाड़े पर सख्ती, किसानों के हक पर नजर
राजस्थान कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि पात्र किसानों को समय पर बीमा लाभ मिलना चाहिए। पॉलिसियों की जांच, ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग और नुकसान के सर्वे में लापरवाही या फर्जीवाड़ा मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- फसल बीमा योजना में पॉलिसियों की होगी गहन जांच।
- फर्जीवाड़े और अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई।
- किसानों को समय पर बीमा लाभ दिलाने पर जोर।
Crackdown on crop insurance fraud, focus on safeguarding farmers’ rights : राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिलने वाले लाभ में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसे लेकर कृषि विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। सोमवार को कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक हुई। इसमें योजना के अलग-अलग चरणों की स्थिति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

कृषि आयुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक स्तर की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
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बैठक में फसल बीमा पॉलिसियों की जांच और अनुमोदन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पॉलिसियों का सत्यापन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए। जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
ऑफलाइन गांवों और नए ऋणी किसानों की पॉलिसियों को लेकर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। ऐसी पॉलिसियों का नियमानुसार डीएलएमसी से अनुमोदन कराने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। विभाग का उद्देश्य है कि प्रक्रिया संबंधी खामी के कारण कोई पात्र किसान बीमा सुरक्षा से बाहर न रह जाए।
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फसल कटाई प्रयोगों को लेकर भी कृषि आयुक्त ने अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग निर्धारित समयसीमा और दिशा-निर्देशों के अनुसार कराने को कहा। इन प्रयोगों से मिलने वाले आंकड़े किसानों के बीमा दावों के निर्धारण में महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि प्रभावित किसानों की ओर से प्राप्त सूचनाओं पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर सर्वे कराया जाए और जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए। इससे नुकसान झेलने वाले किसानों के दावों के निस्तारण में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा।
कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जी जानकारी, गलत पॉलिसी, नियमों के उल्लंघन या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लेने के संकेत दिए हैं। कृषि आयुक्त ने कहा कि योजना के पारदर्शी संचालन में बाधा डालने वाले या फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी हितधारक के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों ने बैठक में योजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और लंबित प्रकरणों को तय समय में निपटाने का भरोसा दिलाया। बैठक में अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल, संयुक्त निदेशक कृषि (फसल बीमा) जगदेव सिंह सहित कृषि विभाग के अधिकारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न जिलों के संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



