स्कूलों पर मुख्य सचिव सख्त, जर्जर भवनों की होगी सीधी निगरानी

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जिला कलेक्टरों और शिक्षा अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश दिए हैं। जर्जर भवनों की जांच, मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता, पीएम श्री विद्यालयों, पीएम पोषण योजना, केजीबीवी और निपुण राजस्थान अभियान की नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

  • स्कूलों के जर्जर भवनों का फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश।
  • मुख्य सचिव ने मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर।
  • स्कूलों में पीएम श्री, पीएम पोषण और केजीबीवी योजनाओं की भी होगी समीक्षा।

Dilapidated buildings will be directly monitored : प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की प्राथमिकता से जांच की जाए और मरम्मत तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए।

स्कूलों पर मुख्य सचिव सख्त, जर्जर भवनों की होगी सीधी निगरानी
Image Source : Via Dipr

शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति का फोटो सहित दस्तावेज तैयार कर मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्कूलों से जुड़े कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मजबूत डेटाबेस विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

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मानसून को देखते हुए डूंगरपुर, बांसवाड़ा और झालावाड़ जैसे अधिक वर्षा वाले जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि बारिश के दौरान विद्यालय भवनों की सुरक्षा, विद्यार्थियों की सुविधा और आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बैठक में पीएम श्री विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को इन स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने, आधुनिक शिक्षण संसाधन, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से नामांकन बढ़ाने और सभी जानकारी प्रगति पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट करने को कहा गया।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) को लेकर भी मुख्य सचिव ने आवश्यकतानुसार स्टाफ उपलब्ध कराने और छात्राओं के नामांकन में वृद्धि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में पीएम पोषण योजना की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और हाइजीन की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से मानसून के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके।

इसके अलावा निपुण राजस्थान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष प्रयास करने को कहा गया। वहीं शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों के जन आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उन्हें जल्द तैयार कराया जाए, ताकि डीबीटी के माध्यम से मिलने वाले लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सकें।

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मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं और प्रभावी मॉनिटरिंग के जरिए प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

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