जनजातीय योजनाओं पर CS सख्त, समयसीमा तय
जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक में योजनाओं की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, बजट घोषणाओं, पेयजल, सड़क, बिजली और आवासीय संस्थानों से जुड़े कामों की समीक्षा हुई। उन्होंने लंबित कार्यों और दस्तावेजों का निस्तारण प्राथमिकता से करने को कहा।
- जनजातीय योजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश।
- पीएम जनमन योजना में आवास और सड़कों की प्रगति की समीक्षा।
- बजट घोषणाओं और लंबित प्रकरणों पर CS ने दिखाई सख्ती।
Chief Secretary strict on tribal schemes; deadlines set : जयपुर में सोमवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य निधि और केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति के साथ बजट घोषणाओं, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित मामलों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को लंबित कामों में तेजी लाने और तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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बैठक में पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रमुख रूप से चर्चा के केंद्र में रहे। वी. श्रीनिवास ने पीएम जनमन के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा धरती आबा अभियान के तहत स्वीकृत कार्यों को जल्द पूरा कराने को कहा। उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों से तकनीकी स्वीकृतियां और लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक पक्के मकान, साफ पेयजल, सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी और पौष्टिक आहार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। उन्होंने जलापूर्ति में हो रही देरी की समीक्षा कर समाधान निकालने के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए।
उन्होंने पीएम जनमन के तहत चल रहे कार्यों में आईसीडीएस, टीएडी, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास और शिक्षा विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को मार्च 2027 तक निर्धारित उपलब्धि हासिल करने को कहा। वहीं बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन घोषणाओं पर काम शुरू हो चुका है, उन्हें विभागीय स्तर पर तेजी से पूरा किया जाए।
आवासीय संस्थानों को लेकर भी बैठक में अहम निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने बताया कि विभाग के छात्रावासों में 128 और आवासीय विद्यालयों में 212 पद रिक्त हैं। ये पद शिक्षा विभाग की कैडर स्ट्रेंथ में शामिल हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को अक्टूबर 2026 तक इन पदों पर प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
वनाधिकार से जुड़े मामलों पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग को वनाधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्रों में से जमाबंदी में दर्ज होने से बाकी करीब 11 हजार अधिकार पत्रों का शत-प्रतिशत इंद्राज सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ फार्मस आईडी जनरेशन से जुड़ी कार्रवाई 31 अक्टूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग कुंजी लाल मीणा ने विभाग की योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के तहत सरकारी, अनुदानित और निजी जनसहभागिता योजनाओं से संचालित आवासीय संस्थानों में वंचित वर्गों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये करने के आदेश जारी किए गए हैं। मानदेय कर्मियों के मानदेय में भी 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।
मीणा ने बताया कि वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार दिलाने के लिए 6 अगस्त से 15 सितंबर तक वनाधिकार अभियान-2026 चलाया जा रहा है। सहरिया परिवारों के घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए 5,564 चिकित्सा शिविर लगाए गए, जिनसे 2 लाख 96 हजार 608 लोगों को लाभ मिला। इसके अलावा 51 वनधन केंद्र और 51 आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित कर उनका संचालन शुरू किया गया है।
पीएम जनमन योजना के तहत 23,699 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 23,362 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें 21,720 लाभार्थियों को पहली, 18,523 को दूसरी और 15,056 लाभार्थियों को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। योजना में स्वीकृत 32 संपर्क सड़कों में से 22 का निर्माण पूरा हो चुका है।
बैठक में यह भी बताया गया कि बजट घोषणा 2026-27 के तहत बारां जिले के सहरिया, खैरवा और कथौड़ी जनजाति के 36,577 परिवारों को घी, तेल और दाल के वितरण के स्थान पर डीबीटी के जरिए राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से हॉस्टल एंड स्कीम मॉनिटरिंग सिस्टम, मां-बाड़ी मोबाइल एप और वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल जैसी डिजिटल पहलों की जानकारी भी दी गई।
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बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरामानी, संयुक्त शासन सचिव मंजू मार्शल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



