सुशासन पर मुख्य सचिव की नई पहल, अधिकारियों के लिए जारी हुई खास पुस्तिका
जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सुशासन विषय पर अपने विभिन्न भाषणों के संकलन का विमोचन किया। इस अवसर पर मिशन कर्मयोगी और क्षमता विकास कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जनोन्मुखी और प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण, नवाचार और आधुनिक कार्यशैली को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की।
- सुशासन पर आधारित विशेष पुस्तिका का मुख्य सचिव ने किया विमोचन।
- मिशन कर्मयोगी और क्षमता विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई।
- मुख्य सचिव ने पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन के लिए प्रशिक्षण पर दिया जोर।
Chief Secretary’s new initiative on good governance : राजस्थान में प्रशासनिक सुधारों और सुशासन को नई दिशा देने की पहल के तहत मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सुशासन विषय पर दिए गए अपने विभिन्न व्याख्यानों और विचारों के संकलन का विमोचन किया। हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) द्वारा प्रकाशित यह पुस्तिका प्रशासनिक अधिकारियों, लोक प्रशासन के विद्यार्थियों और प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री मानी जा रही है।

सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संस्थान की महानिदेशक श्रेया गुहा और अतिरिक्त महानिदेशक शाहीन अली खान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मिशन कर्मयोगी, क्षमता विकास कार्यक्रमों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
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बैठक में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित कार्यशालाओं, प्रशिक्षण गतिविधियों और क्षमता विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते समय के अनुरूप प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्षम बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण और कौशल विकास बेहद जरूरी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभावी शासन व्यवस्था की आधारशिला प्रशिक्षित और दक्ष प्रशासनिक तंत्र होता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर कौशल विकास, तकनीकी दक्षता और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, ताकि आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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उन्होंने मिशन कर्मयोगी के तहत संचालित ‘साधना सप्ताह’ जैसी पहलों की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सरकारी कार्यसंस्कृति को अधिक परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही प्रशासन में सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के लिए आधुनिक सोच और निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना समय की मांग है।



