देव आनंद के गीतों पर झूमा जेकेके, ‘देव फेस्टिवल 2026’ का शानदार आगाज
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में शनिवार को ‘देव फेस्टिवल 2026’ की शुरुआत संगीत, नृत्य और यादों के खुशनुमा माहौल के बीच हुई। देव आनंद की सिनेमाई विरासत को महिला सशक्तीकरण से जोड़कर आयोजित कार्यक्रम में 25 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की छात्राओं, फैकल्टी और महिलाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। सदाबहार गीतों ने पूरे सभागार को जीवंत बना दिया।
- देव फेस्टिवल 2026: जेकेके में देव आनंद की जयंती पर रंगारंग कार्यक्रम।
- देव आनंद के गीत: लाइव संगीत और नृत्य ने बांधा समां।
- महिला सशक्तीकरण: 25 कॉलेजों की छात्राओं और महिलाओं ने लिया हिस्सा।
Dev Festival 2026 Begins in Jaipur : जवाहर कला केंद्र (जेकेके) का रंगायन ऑडिटोरियम शनिवार को देव आनंद के सदाबहार गीतों और उत्साह से सराबोर नजर आया। कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में बॉलीवुड के एवरग्रीन हीरो देव आनंद की जयंती के अवसर पर ‘देव फेस्टिवल 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

इस बार आयोजन की थीम ‘सेलिब्रेटिंग देव आनंद एंड प्रमोटिंग वीमन एम्पावर्मेंट’ रखी गई। कार्यक्रम में जयपुर के 25 प्रमुख कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्राएं, फैकल्टी सदस्य और अन्य महिलाएं शामिल हुईं। सभागार में शुरू से लेकर अंत तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख आईएएस अधिकारी रवि जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने देव आनंद के व्यक्तित्व, सोच और जीवन से जुड़े पहलुओं को याद करते हुए उनके सिनेमा और जीवन दर्शन पर बात रखी।
यह भी पढ़ें : एशियाई खेलों में भारत की जीत, राज्यपाल बागडे ने दी बधाई
उद्घाटन सत्र में माहौल उस समय और खुशनुमा हो गया, जब रवि जैन ने प्रसिद्ध गायिका मधु भट्ट के साथ देव आनंद की फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की सोलो और युगल प्रस्तुतियां दीं। धर्मेंद्र छाबड़ा ने भी अपनी गायकी से कार्यक्रम में रंग भर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का एक खास आकर्षण पूर्व आईएएस अधिकारी, सांस्कृतिक एंकर और क्विज क्यूरेटर डॉ. महेंद्र सुराणा का म्यूजिकल क्विज शो रहा। उन्होंने देव आनंद के जीवन, व्यक्तित्व, फिल्मों और करीब छह दशक लंबे सिनेमाई सफर से जुड़े रोचक सवाल प्रतिभागियों के सामने रखे।
क्विज के दौरान प्रतिभागियों में देव आनंद के गीतों और फिल्मों को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। सवाल-जवाब के इस अंदाज ने मनोरंजन के साथ देव आनंद की सिनेमाई विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का काम किया।
यह भी पढ़ें : एशियाई खेलों में भारत की जीत, राज्यपाल बागडे ने दी बधाई
देव आनंद की फिल्मों के लोकप्रिय गाने जैसे ही सभागार में गूंजे, माहौल पूरी तरह बदल गया। छात्राओं के साथ कॉलेजों की फैकल्टी सदस्य और अन्य महिलाएं भी खुलकर नृत्य करती नजर आईं।
डॉ. महेंद्र सुराणा ने अपने ऊर्जावान अंदाज में कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा। उनके अंदाज का असर ऐसा रहा कि अलग-अलग संस्थानों से आए प्रतिभागी भी एक साथ उत्सव का हिस्सा बनते दिखाई दिए। कुछ ही देर में रंगायन ऑडिटोरियम किसी बड़े पारिवारिक समारोह की तरह नजर आने लगा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर रंग-बिरंगी चुनरियों की बारिश ने माहौल को और खास बना दिया। इस पल ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया और सभागार में मौजूद लोगों ने जमकर इसका आनंद लिया।
समापन पर क्विज और विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे प्रतिभागियों को पुरस्कार और ट्रॉफियां प्रदान की गईं। देव आनंद की यादों, संगीत और महिला सशक्तीकरण के संदेश से सजा यह आयोजन जयपुर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक अलग रंग छोड़ गया।



