दुनिया को जोड़ने की सोच से भारत बनेगा विश्व गुरु : दिया कुमारी

जयपुर में आयोजित ‘विशाल भारत’ व्याख्यान में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि भारत की ताकत केवल आर्थिक विकास में नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, एकता और नागरिक जिम्मेदारी में भी है। उन्होंने 2047 तक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के लक्ष्य में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी बताई। वक्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक मजबूती और सांस्कृतिक विरासत पर भी विचार रखे।

  • दिया कुमारी ने दुनिया को जोड़ने की भारतीय सोच पर दिया जोर।
  • विशाल भारत व्याख्यान में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा।
  • विश्व गुरु भारत के लिए नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा को अहम बताया।

Diya Kumari Calls for a United India to Lead the World : भारत को 2047 तक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह बात उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर में आयोजित ‘विशाल भारत : आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य’ विषयक व्याख्यान में कही।

यह भी पढ़ें ; नगर निगम चुनाव 2026 : 150 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी पूरी, जानिए समीकरण और किसे मिली राहत

राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के जयपुर चैप्टर की ओर से महाराजा अग्रसेन सभागार, अग्रवाल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया पर प्रभुत्व जमाना नहीं, बल्कि अपनी सोच और सहयोग की भावना से देशों को जोड़ना होना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दुनिया को जोड़ने’ का मंत्र भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम नागरिकों से अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भारत की सांस्कृतिक विरासत से लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा तक कई पहलुओं पर विचार रखे। एकात्मक मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने ‘अखंड भारत’ की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. शर्मा ने अफगानिस्तान के गंधार क्षेत्र से लेकर म्यांमार तक भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ कई क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान में बदलाव आया, लेकिन भारतीय संस्कृति की निरंतरता आज भी दिखाई देती है।

आर्थिक विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में धन के प्रवाह और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख किया। उनके अनुसार किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार लोगों की जरूरतों और उपभोग से जुड़ा वास्तविक आर्थिक तंत्र है।

सामरिक मामलों पर लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के लिए सामरिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर होना जरूरी है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को केवल सरकारी तंत्र का विषय न मानते हुए नागरिकों के कर्तव्यबोध को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि जिम्मेदार, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति सजग नागरिक किसी भी देश की वास्तविक ताकत होते हैं। बदलते वैश्विक माहौल में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह ने ‘विशाल भारत’ के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्र संचालक डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को देश की आधारभूत शक्ति बताया।

यह भी पढ़ें ; बीकानेर हाउस में सजा राजस्थान, तीजोत्सव में उमड़ी भीड़

कार्यक्रम की प्रस्तावना जयपुर चैप्टर अध्यक्ष डॉ. एसएस अग्रवाल ने रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से तय नहीं होती, बल्कि भूमि, संस्कृति और सुरक्षा भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके अनुसार व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के बिना सुरक्षा से जुड़े विषयों को पूरी तरह समझना मुश्किल है।

कार्यक्रम के अंत में जयपुर चैप्टर के महासचिव पुष्कर उपाध्याय ने अतिथियों और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Back to top button