दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी बहनों को किया सम्मानित
वाटिका में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला हैं और इनके माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य तथा संस्कार को मजबूत आधार मिलता है।
- दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान किया।
- आंगन मिलन सेवा में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई हुई।
- आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और भविष्य की पहली पाठशाला बताए।
Diya Kumari honored Anganwadi workers : विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत वाटिका के सामुदायिक भवन में शुक्रवार को ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं महिला-बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों को सम्मानित किया।

दिया कुमारी ने महिला कर्मियों को माला पहनाई, पौधा भेंट किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजे गए पत्र प्रदान किए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और धात्री माताओं के बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी माताएं और बच्चे शामिल हुए।
बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला हैं आंगनबाड़ी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला है। यहां काम करने वाली कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण के साथ माताओं और परिवारों से भी लगातार जुड़ी रहती हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों का काम सीधे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शुरुआती विकास से जुड़ा है। ऐसे में उनका सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके समर्पण और मेहनत को पहचान देने का अवसर है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाले ऐसे कार्यक्रम परिवार और समाज को बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए एक साथ जोड़ने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने पोषण के क्षेत्र में काम कर रही कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्थानीय स्तर के ‘हीरो’ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
पोषण ट्रैकर से निगरानी हुई आसान
दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए उनके लिए पत्र भेजे हैं। उन्होंने पोषण ट्रैकर जैसी डिजिटल व्यवस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे बच्चों और माताओं के पोषण की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत और बेहतर सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम कर रही है। नए केंद्र विकसित किए जा रहे हैं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है।
‘हर स्वस्थ बच्चा हमारी जिम्मेदारी’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण, स्नेह और संस्कार देना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, समाज और सरकार सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने आह्वान किया कि हर बच्चे के स्वस्थ भविष्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत और सुविधायुक्त आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले समय में विकसित राजस्थान की नई कहानी लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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कार्यक्रम में समेकित बाल विकास सेवाओं के निदेशक वासुदेव मालावत सहित जनप्रतिनिधि, संस्था प्रधान, महिला मोर्चा की सदस्य, राजीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं तथा बड़ी संख्या में माताएं और बच्चे मौजूद रहे।



