जयपुर में नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा शुरू
जयपुर में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा मंगलवार से शुरू हो गया। आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर में प्रार्थना के साथ जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया। 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलने वाले अभियान में पुलिस, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन, एनसीसी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा जयपुर में 25 अगस्त से शुरू।
- आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान ने मोती डूंगरी मंदिर में पोस्टर लॉन्च किया।
- नेत्रदान अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीण हेल्थ कैंप होंगे।
Eye Donation Awareness Fortnight Begins in Jaipur: जयपुर। नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े की शुरुआत हो गई है। आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान (EBSR) की ओर से आयोजित यह अभियान 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलेगा।
अभियान की शुरुआत मोती डूंगरी गणेश मंदिर में प्रार्थना और जागरूकता पोस्टर के विमोचन के साथ की गई। इस दौरान EBSR के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्यों, संस्थापक सदस्यों और स्टाफ के साथ सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पखवाड़े के दौरान नेत्रदान को लेकर लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। EBSR की ओर से पुलिस विभाग, शिक्षण संस्थानों, प्रशासनिक निकायों और एनसीसी यूनिट्स में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
अभियान को सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंखों की जांच के लिए हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए लोगों को आंखों की सेहत के प्रति जागरूक करने के साथ नेत्रदान के महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।
आयोजकों का कहना है कि नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में समझाना और अधिक से अधिक लोगों को मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना है।
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नेत्रदान के जरिए किसी ऐसे व्यक्ति को दुनिया देखने का अवसर मिल सकता है, जिसकी जिंदगी में रोशनी का इंतजार लंबे समय से है। इसी मानवीय संदेश के साथ जागरूकता पखवाड़े के दौरान अलग-अलग वर्गों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।



