मिलावटखोरों पर सरकार का बड़ा एक्शन, 1500 किलो ख़राब खाना नष्ट
राजस्थान में अस्पतालों के अंदर और आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए अभियान शुरू हुआ है। पहले दिन 100 से अधिक अस्पतालों और 172 से ज्यादा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीमों ने 159 नमूने जांच के लिए भेजे, 1500 किलो सामग्री नष्ट कराई और नियमों की अनदेखी पर 90 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए।
- ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत राजस्थान भर के अस्पताल कैंटीन और आसपास के भोजनालयों पर कड़ी कार्रवाई।
- जांच टीमों ने पहले दिन 159 सैंपल लैब भेजे और मौके पर ही 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट करवाई।
- 30 सितंबर तक चलेगा यह विशेष अभियान; मानकों की अनदेखी करने वाले 90 प्रतिष्ठानों को मिला सुधार नोटिस।
Government takes major action against adulterators : राजस्थान में मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच शुरू की गई है। 24 से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान में खाद्य गुणवत्ता के साथ स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण पर भी फोकस किया जा रहा है।

अभियान के पहले दिन प्रदेश के 100 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों की कैंटीन, कैफेटेरिया तथा रेस्टोरेंट के साथ अस्पताल परिसरों और आसपास के 172 से ज्यादा खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के 159 नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया। वहीं करीब 1500 किलोग्राम खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट कराई गई।

खाद्य सुरक्षा नियमों की पालना में कमी मिलने पर 90 कैंटीन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस भी जारी किए गए हैं। विभाग की टीमों ने साफ-सफाई से लेकर खाद्य सामग्री रखने के तरीके तक कई बिंदुओं की जांच की।
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निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति, रसोई की स्वच्छता और खाद्य कारोबार से जुड़े कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई देखी गई। इसके अलावा प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की भी पड़ताल की गई।
जयपुर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जेईसीआरसी हॉस्पिटल और नारायणा हॉस्पिटल की कैंटीनों के साथ इनके आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। विभागीय टीमों ने जहां जरूरी समझा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपचार के साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन भी जरूरी है। उन्होंने अस्पतालों के भीतर और आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश देने के साथ आवश्यकता के अनुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
30 सितंबर तक चलेगा अभियान
विभाग के अनुसार विशेष निरीक्षण और नमूनीकरण अभियान 24 सितंबर से 30 सितंबर तक जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और वहां आने वाले लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



