अस्पतालों के आसपास खाद्य दुकानों पर ताबड़तोड़ जांच
राजस्थान में ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अस्पतालों के भीतर और आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज कर दी गई है। 14 से अधिक जिलों में कैंटीन, होटल, ढाबे, किराना और डेयरी दुकानों का निरीक्षण किया गया। कई जगह एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई गई, जबकि खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई।
- चूरू, नागौर, भीलवाड़ा और राजसमंद समेत 14 से ज्यादा जिलों में अस्पतालों के आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
- रसगुल्लों में चींटियां मिलने और एक्सपायरी सामान पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा टीमों ने मौके पर ही सामग्री नष्ट करवाई।
- मरीजों, परिजनों और आमजन को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए 30 सितंबर तक लगातार सैंपलिंग जारी रहेगी।
Intensive inspections of food stalls near hospitals : राजस्थान में मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत 24 से 30 सितंबर तक चल रहे विशेष निरीक्षण अभियान में सोमवार को 14 से अधिक जिलों में अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चल रहे अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नमूने लेने के साथ एक्सपायरी और अनुपयोगी खाद्य सामग्री को नियमानुसार नष्ट कराया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की टीमों ने कैंटीन, होटल, भोजनालय, ढाबे, किराना और डेयरी स्टोर समेत कई प्रतिष्ठानों की पड़ताल की।
कई जिलों में हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के अनुसार चूरू, राजसमंद, भीलवाड़ा, बूंदी, श्रीगंगानगर, नागौर, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, टोंक, जैसलमेर, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं, जालोर और ब्यावर सहित विभिन्न जिलों में अभियान चलाया गया।
चूरू के राजगढ़ में मेहता मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के पास सरस बूथ संख्या 220 की जांच के दौरान कुछ एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। बिदासर स्थित गोवर्धन प्रसाद टाटिया राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने भी प्रतिष्ठानों की जांच और नमूनीकरण किया गया। यहां अचार मसाला, अमचूर पाउडर, अनारदाना, मिक्स अचार, सेंधा नमक और दलिया समेत विभिन्न सामग्री नष्ट कराई गई।
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राजसमंद में शर्मा हॉस्पिटल के आसपास जांच के दौरान नमूने लिए गए और एक्सपायरी वनस्पति नष्ट कराई गई। भीलवाड़ा में महात्मा गांधी अस्पताल, बहेटी चिल्ड्रन हॉस्पिटल के आसपास तथा भीलवाड़ा रोड के ढाबों का निरीक्षण किया गया। बूंदी में जनाना अस्पताल और गोविंद गुप्ता चाइल्ड एवं मैटरनिटी होम के आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई।
श्रीगंगानगर में बहल हॉस्पिटल के आसपास निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
नागौर में रसगुल्लों में मिलीं चींटियां
नागौर के लाइफलाइन हॉस्पिटल के पास स्थित वासुदेव होटल एंड रेस्टोरेंट में निरीक्षण के दौरान खाद्य निर्माण क्षेत्र की साफ-सफाई और संचालकों की व्यक्तिगत स्वच्छता में कमियां सामने आईं। रसगुल्लों में चींटियां मिलने के बाद उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों में सुधार और मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस प्रस्तावित किया गया।
प्रतापगढ़ के धरियावद में राजकीय अस्पताल के बाहर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूनीकरण हुआ। टोंक के मालपुरा क्षेत्र में जिला अस्पताल और रेखा देवी मेमोरियल हॉस्पिटल के आसपास जांच की गई।
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जैसलमेर में गड़ीसर चौराहा स्थित बेबी केयर क्लिनिक के पास किराना और डेयरी स्टोर की जांच के दौरान एक्सपायरी खाद्य उत्पाद नष्ट कराए गए। डीडवाना-कुचामन के कुचामन सिटी में राजकीय अस्पताल, महादेव हॉस्पिटल और अभिनव हॉस्पिटल के आसपास कार्रवाई की गई।
झुंझुनूं में काजला हॉस्पिटल, धन्वंतरि हॉस्पिटल और पूनिया हॉस्पिटल के आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई। जालोर के भीनमाल में भूपेंद्र हॉस्पिटल कैंटीन, नाहर हॉस्पिटल कैंटीन और भीनमाल हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। कोटपूतली-बहरोड़ में राजकीय अस्पताल पाओटा के पास अशोका भोजनालय और ब्यावर में जय क्लिनिक मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जांच एवं नमूनीकरण किया गया।
स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता पर फोकस
अभियान के दौरान अधिकारियों की नजर केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है। खाद्य सामग्री के भंडारण, परिसर की साफ-सफाई, खाद्य संचालकों की व्यक्तिगत स्वच्छता और निर्माण क्षेत्र की स्थिति भी जांची जा रही है।
जहां जरूरी हो, वहां खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। एक्सपायरी या उपयोग के लायक नहीं बची सामग्री को नियमानुसार नष्ट कराया जा रहा है। अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय का यह विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।



