खाद के लिए अन्नदाता परेशान! अशोक गहलोत ने ऑनलाइन सिस्टम पर सरकार को घेरा
राजस्थान में खाद की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत का आरोप है कि तकनीकी दिक्कत, सर्वर की समस्या और लंबी कतारों से किसान परेशान हैं। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि नया ऐप शुरू होने के कारण फिलहाल तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास जारी है।
- अशोक गहलोत ने खाद की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को किसानों के लिए परेशानी का सबब बताया।
- सर्वर और तकनीकी खामियों की वजह से अन्नदाताओं को घंटों लाइनों में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
- डबल-इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों के कुप्रबंधन और खाद डायवर्ट करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Ashok Gehlot targeted the government over the online system : राजस्थान में खाद की खरीद को लेकर शुरू हुई ऑनलाइन व्यवस्था अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने किसानों को खाद मिलने में आ रही कथित परेशानियों को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।
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गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कई किसान खाद लेने के लिए परेशान हो रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार ने वितरण व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरू किया, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते किसानों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ गई हैं।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि सर्वर डाउन होने, तकनीकी समस्याओं और लंबी कतारों के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई किसान इंतजार करने के बाद भी खाद लिए बिना वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
गहलोत ने सरकार की खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि किसानों को इस तरह की परेशानी से कब तक गुजरना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार के ‘डबल इंजन’ मॉडल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसान कुप्रबंधन का सामना कर रहे हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि राजस्थान के किसानों को उनका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा और खाद की आपूर्ति मध्य प्रदेश की ओर भेजी जा रही है। यह आरोप राजनीतिक तौर पर इस पूरे मुद्दे को और गर्म कर रहा है।
दूसरी ओर, जयपुर कृषि विभाग के सहायक निदेशक राजेश विजय ने तकनीकी परेशानियों को अस्थायी बताया है। उन्होंने कहा कि नया ऐप शुरू किया गया है और शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। विभाग इन दिक्कतों को दूर करने पर काम कर रहा है।
दरअसल, राजस्थान में डिजिटल फर्टिलाइजर बुकिंग सिस्टम लागू करने का उद्देश्य खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना, उपलब्ध स्टॉक पर नजर रखना और सब्सिडी वाली खाद को किसानों तक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाना है। सिस्टम में किसान खाद की उपलब्धता देखकर डिजिटल माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं।
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ऐसे में फिलहाल असली चुनौती यह है कि नई डिजिटल व्यवस्था को जमीन पर कितना सहज बनाया जा पाता है। किसानों के लिए तकनीक तभी राहत बनेगी, जब उन्हें बुकिंग से लेकर खाद मिलने तक अनावश्यक इंतजार और तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।



