गोलोक धाम बनेगा गोवंश का पूर्ण अभयारण्य
जयपुर के निमोडिया, चाकसू में विकसित हो रहा गोलोक धाम अब केवल गौशाला तक सीमित नहीं रहेगा। आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा से इसे गोवंश के लिए पूर्ण अभयारण्य और आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां जैविक खेती, गोबर खाद, गोमूत्र आधारित उत्पाद और दुग्ध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- गोलोक धाम को गोवंश के पूर्ण अभयारण्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
- आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने आत्मनिर्भर मॉडल पर जोर दिया।
- जैन पत्रकार महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने परिसर का दौरा किया।
Golok Dham to Develop as Full Sanctuary for Cattle: जयपुर। निमोडिया, चाकसू स्थित नवनिर्मित गोलोक धाम को गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक व्यापक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। परम पूज्य भगवान महावीर तपोभूमि उज्जैन के प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से इस परियोजना को आकार दिया जा रहा है।
आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने कहा कि गोलोक धाम को केवल पारंपरिक गौशाला के तौर पर देखना उचित नहीं होगा। इसका उद्देश्य गोवंश के पूरे जीवन चक्र और समाज में उसके महत्व को लोगों तक पहुंचाना है। साथ ही इसे ऐसा आत्मनिर्भर मॉडल बनाने की योजना है, जो संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर विभिन्न उपयोगी गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सके।
परियोजना के तहत यहां जैविक खेती, गोबर से खाद तैयार करने, गोमूत्र आधारित उत्पाद बनाने और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को विकसित करने की योजना है। इससे गोवंश संरक्षण के साथ पर्यावरण अनुकूल और रोजगारपरक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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इसी क्रम में 29 अगस्त को जैन पत्रकार महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया के नेतृत्व में गोलोक धाम पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आचार्य श्री के दर्शन कर श्रीफल अर्पित किया। इस दौरान श्रमण संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेते हुए रक्षा सूत्र भी बंधवाया गया।
पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने गोलोक धाम की गौशाला और पूरे परिसर का भ्रमण किया। सदस्यों ने वहां मौजूद गायों को चारा खिलाया और चल रहे निर्माण कार्यों तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। परिसर के विकास कार्यों को देखकर प्रतिनिधिमंडल ने गोलोक धाम सेवा समिति के प्रयासों की सराहना की।
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने कहा कि गोलोक धाम सड़क पर भटकने वाली, बीमार और बेसहारा गायों के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने जैन समाज और सामाजिक संस्थाओं से ऐसे सेवा कार्यों में सहयोग करने तथा गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन ने कहा कि गोलोक धाम का अवलोकन करने और आचार्य श्री के सानिध्य में धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को पूजा और हवन में शामिल होने के साथ ब्रह्मचारी दर्शन जी की गोद भराई रस्म में शामिल होने का भी अवसर मिला। ब्रह्मचारी दर्शन जी 1 नवंबर 2026 को तुमकुर, कर्नाटक में आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज से जिन दीक्षा लेने जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान गोलोक धाम सेवा समिति के अध्यक्ष देवेंद्र जैन निमोडिया, छोटा गिरनार-बापूगांव के अध्यक्ष प्रकाश चंद बाकलीवाल और अन्य पदाधिकारियों ने पत्रकारों तथा एक दिन के चातुर्मास पुण्यार्जक समाज श्रेष्ठी चेतन जैन केकड़ी परिवार का तिलक, माला, दुपट्टा और साफा पहनाकर सम्मान किया।
प्रतिनिधिमंडल में रमेश जैन तिजारिया, उदयभान जैन, दिलीप जैन, बलवंत राज मेहता, ज्ञानचंद पाटनी, सुरेंद्र कुमार जैन बड़जात्या, अरुण जैन, शुभम जैन, अनीष जैन, नीलम जैन दिल्ली और अनीता बड़जात्या जयपुर सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।
राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि आचार्य श्री के सानिध्य में आगामी नवंबर में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को रायपुर, छत्तीसगढ़ में होने वाले राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के लिए भी आचार्य श्री से आशीर्वाद लिया। मौजूद पत्रकारों ने रायपुर सम्मेलन में भाग लेने की सहमति जताई और देशभर के जैन पत्रकारों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया।



