राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं से की नशामुक्त समाज बनाने की खास अपील
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नशा व्यक्ति को विवेक से दूर कर जीवन को नुकसान की ओर ले जाता है। उन्होंने नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की। जोबनेर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर उन्होंने युवाओं, कृषि, शिक्षा, जल संरक्षण और जनहित अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
- राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
- जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर कृषि मौसम पोर्टल का किया गया शुभारंभ।
- नशामुक्ति और टीबी मुक्त अभियान को सरकारी नहीं बल्कि जन-अभियान बनाने पर दिया जोर।
Governor Baghde on Drug-Free Society : नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नशा इंसान को विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है। इसका असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति के पूरे जीवन पर पड़ता है। उन्होंने लोगों से खुद नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी इससे बचाने के प्रयास करने की अपील की।

राज्यपाल गुरुवार को जोबनेर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह और नशामुक्त भारत अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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बागडे ने बताया कि लोकभवन में नशामुक्त भारत अभियान को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई थी। इसमें अभियान को सरकारी कार्यक्रम के बजाय जन-अभियान बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाने का उद्देश्य सरकारी नीतियों की समीक्षा के साथ शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना भी है।
उन्होंने प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने की जरूरत बताई। राज्यपाल ने कहा कि नशामुक्ति और टीबी मुक्त अभियान जैसे प्रयासों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना बड़ा लक्ष्य होना चाहिए। उनके मुताबिक जब समाज किसी अभियान को अपना मानकर आगे बढ़ता है, तभी उसके परिणाम व्यापक स्तर पर दिखाई देते हैं।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल ने श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय को कृषि क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने युवा शक्ति को कृषि और इससे जुड़े नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही पानी की बचत और उपलब्ध जल संसाधनों को सहेजने की आवश्यकता भी बताई।
इस दौरान उन्होंने देश में तेजी से हो रहे विकास और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख किया। बागडे ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय विरासत और प्राच्य ज्ञान से नई पीढ़ी को जोड़ने पर भी ध्यान दिया गया है। उन्होंने समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच के साथ बेहतर वातावरण बनाने की अपील की।
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ओर से तैयार कृषि मौसम पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने नवनिर्मित विश्वविद्यालय सभागार का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा कृषि से संबंधित पुस्तकों और स्मारिका का विमोचन किया तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
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राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान, पूर्व न्यायाधीश करणी सिंह राठौड़ और डॉ. एन. के. गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।



