कबड्डी मैदान में बेटियों का जोश, राज्यपाल ने बढ़ाया हौसला
दौसा के महवा में आयोजित सीबीएसई गर्ल्स स्टेट क्लस्टर कबड्डी टूर्नामेंट में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर मैच का टॉस कराया और बालिकाओं का उत्साह बढ़ाया। राज्यपाल ने कबड्डी को अनुशासन, साहस और टीम भावना का खेल बताते हुए विद्यार्थियों से खेल के साथ पढ़ाई, ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने की अपील की।
- कबड्डी टूर्नामेंट में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
- कबड्डी को अनुशासन, साहस और टीम भावना का प्रतीक बताया।
- बालिकाओं से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान।
The enthusiasm of daughters on the Kabaddi court : दौसा जिले के महवा में मंगलवार को खेल और शिक्षा का उत्साह एक साथ देखने को मिला। द बोहराज ग्लोबल स्कूल में आयोजित सीबीएसई कबड्डी गर्ल्स स्टेट क्लस्टर टूर्नामेंट में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल कबड्डी खिलाड़ियों और रेफरी से परिचय प्राप्त किया तथा टॉस कर मैच का आनंद लिया।

इस मौके पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम के साथ मिलकर काम करने की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कबड्डी को भारत की पारंपरिक खेल संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि यह खेल लंबे समय से हमारी सामाजिक और शैक्षणिक परंपराओं का हिस्सा रहा है।
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राज्यपाल ने खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे खेल के साथ अपनी पढ़ाई पर भी समान रूप से ध्यान दें। उनके अनुसार, मजबूत भविष्य के लिए शारीरिक और बौद्धिक क्षमता दोनों का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को रुचि और एकाग्रता से समझने के साथ लगातार नए ज्ञान की तलाश करते रहना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहने की अपील की। साहित्य और अन्य उपयोगी पुस्तकों को पढ़ने तथा नियमित अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर उन्होंने जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि पढ़ने की आदत विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ उनकी सोच और व्यक्तित्व को भी व्यापक बनाती है।
शिक्षकों की भूमिका पर भी राज्यपाल ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं भी लगातार सीखते रहें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें। उनका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना होना चाहिए, जिनमें पढ़ाई के साथ अनुशासन, शारीरिक क्षमता, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास भी विकसित हो।
राज्यपाल ने बालिकाओं की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बेटियां शिक्षा और खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने बालिकाओं को अवसर मिलने पर पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कालीबाई का उदाहरण देते हुए साहस, शिक्षा और शिक्षकों से मिले संस्कारों की अहमियत बताई। राज्यपाल ने कहा कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति किसी भी विद्यार्थी को अपने लक्ष्य तक पहुंचने की ताकत दे सकती है।
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कबड्डी प्रतियोगिता में देश के पारंपरिक खेल की झलक के साथ बेटियों का आत्मविश्वास भी नजर आया। राज्यपाल ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल के मैदान से मिलने वाला अनुशासन और टीम भावना जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी सफलता की नींव मजबूत करता है।



