‘कृष्ण के बताए आलोक पथ पर चलें’… राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जन्माष्टमी महोत्सव में की शिरकत
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होकर भगवान कृष्ण के जीवन और भगवद्गीता के संदेशों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने लड्डू गोपाल का दुग्धाभिषेक कर पूजा की और कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय, निष्काम कर्म तथा धर्म के मार्ग पर चलना ही जीवन को सार्थक दिशा देता है और समाज को प्रेरणा देता है।
- राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भाग लेकर लड्डू गोपाल का दुग्धाभिषेक किया।
- भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को उत्सवधर्मिता और कठिन समय में भी सही निर्णय लेने की प्रेरणा का स्रोत बताया।
- श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को याद करते हुए निष्काम कर्म और धर्म की रक्षा करने के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
‘Walk the path of light shown by Krishna’ : श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जयपुर में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर सकारात्मक और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने ‘गौरांग इंस्टीट्यूट फॉर वैदिक एजुकेशन’ की ओर से आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में हिस्सा लिया।
यह भी पढ़ें; सीएम भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष का किया अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने लड्डू गोपाल का दुग्धाभिषेक किया और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने हरिनाम संकीर्तन और भगवद्गीता के ज्ञान पर आधारित आध्यात्मिक कार्यक्रम में भी सहभागिता की। भक्तिमय माहौल में आयोजित कार्यक्रम में कृष्ण भक्ति और उनके जीवन दर्शन पर चर्चा हुई।
राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल उत्सव और भक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझने और सही रास्ता चुनने की सीख भी मिलती है। उन्होंने कहा कि कृष्ण का व्यक्तित्व व्यक्ति को अतीत के मोह से बाहर निकलकर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने निष्काम कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके अनुसार व्यक्ति को अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए और परिणाम की चिंता से अधिक अपने कर्म की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि कठिन समय में निर्णय लेना आसान नहीं होता, लेकिन श्रीकृष्ण का जीवन ऐसे ही दौर में विवेक और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि संघर्षों के बीच सही निर्णय लेकर जीवन में सकारात्मक दिशा चुनना ही वास्तविक अर्थों में ‘आलोक पथ’ पर आगे बढ़ना है।
यह भी पढ़ें ; नीट-पीजी री-एग्जाम : जयपुर के 5 केंद्रों पर कल होगी परीक्षा, 2,499 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और गीता के संदेशों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखने, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।



