वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ रहने के दिए खास टिप्स
जयपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में करीब 50 सदस्यों ने हिस्सा लिया। एसडीएमएच के विशेषज्ञ डॉ. ऋषव बंसल ने स्वस्थ वृद्धावस्था, टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, गिरने से बचाव और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जरूरी जानकारी साझा की। संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने सवाल पूछे और विशेषज्ञ से दैनिक जीवन के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्राप्त किए।
- वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए जरूरी सुझाव दिए गए।
- स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में टीकाकरण और नियमित जांच पर जोर रहा।
- एसडीएमएच विशेषज्ञ ने गिरने से बचाव और आत्मनिर्भरता के उपाय बताए।
Special tips for senior citizens to stay healthy : बढ़ती उम्र में छोटी-छोटी स्वास्थ्य सावधानियां भी जीवन को ज्यादा सक्रिय और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से जयपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 50 सदस्यों ने भाग लिया और विशेषज्ञ से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य जरूरतों पर सीधे संवाद किया।
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यह कार्यक्रम संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल (एसडीएमएच) ने टाइम बैंक ऑफ इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से मंगलम आनंदा क्लब हाउस के मिनी प्लेक्स में आयोजित किया। सत्र का संचालन एसडीएमएच के जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ऋषव बंसल ने किया।
डॉ. बंसल ने वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के साथ नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जरूरत समझाई। उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान और रोकथाम से जीवन की गुणवत्ता बेहतर रखी जा सकती है।
सत्र में जेरियाट्रिक वैक्सीनेशन को भी प्रमुखता से समझाया गया। डॉ. बंसल ने संक्रमण से बचाव और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उम्र के अनुरूप टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नियमित और व्यापक जेरियाट्रिक हेल्थ चेक-अप कराने की सलाह भी दी।
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प्रतिभागियों को एसडीएमएच में उपलब्ध जेरियाट्रिक हेल्थ चेक-अप पैकेज के बारे में भी जानकारी दी गई। यह पैकेज उम्र से जुड़ी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में फॉल प्रिवेंशन, शारीरिक सक्रियता, आत्मनिर्भरता बनाए रखने और स्वस्थ वृद्धावस्था से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ ने ऐसे उपाय बताए जिन्हें वरिष्ठ नागरिक अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल कर अधिक सक्रिय और सुरक्षित जीवन जी सकते हैं।
सत्र की खास बात इसका संवादात्मक अंदाज रहा। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य और समग्र कल्याण से जुड़े सवाल खुलकर पूछे। डॉ. बंसल ने उनके प्रश्नों का जवाब देते हुए व्यावहारिक और विशेषज्ञ सुझाव साझा किए। इससे कार्यक्रम केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर बातचीत का अवसर भी मिला।
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कार्यक्रम के समापन पर निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सक्रिय जीवनशैली और स्वस्थ वृद्धावस्था के महत्व पर जोर दिया गया। इस पहल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक रहने का संदेश मिला। साथ ही, एसडीएमएच ने जेरियाट्रिक केयर और सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।



