स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल : 23 सितंबर को लगेगी पेंशन अदालत, होगा लंबित मामलों का निपटारा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से लंबित पेंशन प्रकरणों और आपत्तियों के समाधान के लिए 23 सितंबर 2026 को जयपुर स्थित निदेशालय में पेंशन अदालत आयोजित होगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली इस प्रक्रिया में संबंधित अधिकारी जरूरी दस्तावेजों के साथ शामिल होंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

  • स्वास्थ्य विभाग में 23 सितंबर को लगेगी पेंशन अदालत, लंबित मामलों का होगा तुरंत निस्तारण।
  • निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जुड़ सकेंगे अधिकारी, कागजात पूरे रखने की हिदायत।

Major initiative by the Health Department : राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबे समय से अटके पेंशन मामलों को सुलझाने के लिए 23 सितंबर को राज्य स्तरीय पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। निदेशालय में लगने वाली इस अदालत में लंबित पेंशन प्रकरणों और विभिन्न आपत्तियों का मौके पर ही रिव्यू कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें ; अब दिल्ली ही नहीं, देश के खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट्स पर सजेगी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की महफिल

निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी संबंधित अधिकारी लंबित प्रकरणों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और आपत्तियों की पूर्ति पहले से ही पूरी रखें, ताकि अदालत के दौरान मामलों को बिना किसी देरी के निपटाया जा सके। विभाग की प्राथमिकता है कि पूर्व और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

यह विशेष पेंशन अदालत बुधवार, 23 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्वास्थ्य निदेशालय में आयोजित होगी। इस दौरान मुख्यालय के अधिकारियों के साथ-साथ जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सीधे जुड़ेंगे। जो अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहेंगे, उन्हें अपने साथ पेंशन प्रकरणों से संबंधित पूरे रिकॉर्ड्स लाने के आदेश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें ; बीकानेर नगर निगम में बड़ा उलटफेर : मेयर कांग्रेस का, तो डिप्टी मेयर पद पर बीजेपी ने मारी बाजी

विभाग के इस कदम से सैकड़ों रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अक्सर तकनीकी आपत्तियों या दस्तावेजों की कमी के कारण पेंशन केस महीनों तक लंबित पड़े रहते हैं। पेंशन अदालत के जरिए एक ही मंच पर सभी आपत्तियों को दूर कर रिटायर्ड कर्मियों को समय पर राहत देने का प्रयास किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button