AI कैमरों की नजर और अलग रास्ते… गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास AI CCTV कैमरों से निगरानी होगी। संदिग्ध गतिविधि या चिन्हित व्यक्ति नजर आते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलेगा। एंट्री और एग्जिट अलग रहेंगे, जबकि QR कोड से श्रद्धालुओं को लाइव पार्किंग की जानकारी भी मिल सकेगी।
- AI सीसीटीवी कैमरे गोविंददेवजी मंदिर में तैनात किए गए हैं जो संदिग्ध दिखते ही कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट देंगे।
- एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग करते हुए जलेब चौक से प्रवेश और जयनिवास उद्यान से निकासी तय की गई है।
- QR कोड के जरिए इस बार श्रद्धालुओं को मोबाइल पर ही लाइव पार्किंग की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
Robust security arrangements at Govind Dev Ji Temple for Janmashtami : जन्माष्टमी के मौके पर जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार तकनीक का भी सहारा लिया है। मंदिर परिसर और आसपास AI आधारित CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी।
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सुरक्षा व्यवस्था की खास बात यह है कि कैमरों को अस्थायी कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। पुलिस की टीम यहां लगातार निगरानी करेगी। सिस्टम में उपलब्ध संदिग्ध और चिन्हित असामाजिक तत्वों के डेटाबेस को भी जोड़ा गया है। ऐसे में कैमरे के सामने कोई चिन्हित व्यक्ति दिखाई देने पर कंट्रोल रूम में अलर्ट पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग किए गए हैं। जलेब चौक से श्रद्धालुओं को मंदिर की ओर प्रवेश दिया जाएगा, जबकि दर्शन के बाद निकासी जयनिवास उद्यान की तरफ से होगी। यहां से लोग पैदल हवामहल रोड की ओर जा सकेंगे।
मंदिर क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। बड़ी चौपड़ से हवामहल की ओर जाने वाली सड़क का एक हिस्सा पैदल श्रद्धालुओं के लिए इस्तेमाल होगा। सड़क के दूसरे हिस्से से वाहन चलेंगे, लेकिन भीड़ ज्यादा बढ़ने की स्थिति में वाहनों की आवाजाही भी रोक दी जाएगी।
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जयपुर उत्तर के डीसीपी करन शर्मा के अनुसार, जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी और अगले दिन 5 सितंबर को गोविंददेवजी की शोभायात्रा निकलेगी। दोनों अवसरों पर बड़ी भीड़ को देखते हुए जयपुर उत्तर जिले के अलावा कमिश्नरेट और पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
सुरक्षा ड्यूटी को तीन शिफ्ट में बांटा गया है। महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। ड्यूटी रात करीब 1 बजे से शुरू होकर भीड़ कम होने तक जारी रहेगी, ताकि रात से लेकर अगले दिन तक आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
मंदिर और आसपास पहले से मौजूद CCTV कैमरों के साथ अतिरिक्त AI कैमरे भी लगाए गए हैं। परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को पार्किंग तलाशने में परेशानी न हो, इसके लिए QR कोड के जरिए लाइव पार्किंग जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
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कुल मिलाकर, इस बार गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी की भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ तकनीक को भी जोड़ा है। उद्देश्य साफ है—श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल देना और भीड़ के बीच किसी भी अप्रिय स्थिति पर तेजी से प्रतिक्रिया करना।



