सिंजारा की मेहंदी को लेकर जयपुर में भारी भीड़

गणेश चतुर्थी से पहले जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा की मेहंदी लेने के लिए रविवार को भारी भीड़ पहुंची। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मेहंदी को विवाह के संयोग से जोड़कर किए जा रहे दावों के बाद दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु आए। मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगीं और यातायात व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा।

  • सिंजारा की मेहंदी के लिए मोती डूंगरी में उमड़ा जनसैलाब।
  • सोशल मीडिया की वायरल रील्स के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
  • मेहंदी प्रसाद लेने के लिए कई घंटे कतार में खड़े रहे लोग।

Huge crowds in Jaipur for Sinjara mehndi : गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले रविवार को जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भगवान गणेश को अर्पित की जाने वाली सिंजारा की मेहंदी को प्रसाद के रूप में लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचने लगे। देखते ही देखते मंदिर के आसपास का इलाका श्रद्धालुओं से भर गया।

सिंजारा की मेहंदी को लेकर जयपुर में भारी भीड़
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मेहंदी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रील्स ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी। वायरल दावों में कहा जा रहा था कि भगवान गणेश को अर्पित सिंजारा की मेहंदी लगाने से अविवाहित युवक-युवतियों के विवाह के संयोग बनते हैं। इसी मान्यता के चलते कई लोग अपने बेटे-बेटी, भाई और बहन के लिए मेहंदी लेने जयपुर पहुंचे।

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जयपुर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कुछ श्रद्धालु शनिवार रात से ही मंदिर के आसपास रुक गए थे, ताकि सुबह मेहंदी प्रसाद मिल सके।

मंदिर खुलने के बाद भीड़ तेजी से बढ़ी और श्रद्धालुओं की कतारें एमडी रोड से होते हुए जेएलएन मार्ग तक पहुंच गईं। स्थिति को देखते हुए गणेश चतुर्थी के लिए तय यातायात डायवर्जन रविवार को ही लागू करना पड़ा। जेडीए सर्किल और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई। भीड़ में कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मेहनत करनी पड़ी।

गुरुग्राम से आई एक महिला ने बताया कि वह अपने भाई के लिए सिंजारा की मेहंदी लेने जयपुर पहुंची है। दिल्ली से आए कुछ श्रद्धालुओं ने भी बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल रील्स देखकर मंदिर आने का फैसला किया।

इंदौर से आई महिला अपने बेटे के लिए मेहंदी लेने पहुंची थी। उसने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद वह पहली बार जयपुर आई, लेकिन मंदिर के आसपास इतनी भीड़ थी कि काफी देर तक आगे बढ़ना मुश्किल रहा। आगरा से आए दीपक ने भी विवाह से जुड़ी मान्यता के कारण मंदिर आने की बात कही। उन्होंने बताया कि भीड़ के बीच मेहंदी वितरण स्थल और कतार को लेकर लोगों को परेशानी हो रही थी।

मंदिर में इस बार करीब 3500 किलो मेहंदी का इंतजाम किया गया है। महंत परिवार के अभिषेक शर्मा के मुताबिक, मेहंदी सोजत से मंगवाई गई है। भगवान गणेश को अर्पित करने के बाद इसे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिया जा रहा है। लोग इस मेहंदी को घर ले जाकर शुभ अवसरों पर शगुन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

भारी भीड़ को देखते हुए मेहंदी वितरण का समय भी आगे किया गया। पहले रात 7.30 बजे करीब आठ स्थानों से वितरण होना था, लेकिन प्रशासन ने शाम 5 बजे से वितरण शुरू करने का फैसला किया। महिलाओं और कन्याओं के लिए अलग व्यवस्था भी रखी गई।

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सिंजारा महोत्सव पर भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया। गणेशजी को चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर विशेष पोशाक, स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार धारण कराया गया। स्वर्ण मुकुट साल में केवल गणेश चतुर्थी के अवसर पर पहनाया जाता है। वहीं मोती, सोना, पन्ना और माणक से तैयार नौलखा हार को तैयार करने में करीब तीन महीने लगे हैं।

14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। मंगला आरती सुबह 5 बजे होगी और शयन आरती रात 11.40 बजे होगी। विशेष पूजन सुबह 11.20 बजे, श्रृंगार आरती 11.30 बजे, भोग आरती दोपहर 2.15 बजे और संध्या आरती शाम 7 बजे होगी। दोपहर 1.30 से 2 बजे तक भोग के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में छह डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और छह हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। निगरानी के लिए 72 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। मंदिर में प्रवेश के लिए छह लाइनें और निकास के लिए आठ लाइनें रहेंगी।

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 100 ई-रिक्शा 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा चार इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसों की सुविधा भी दी जाएगी। व्यवस्था संभालने के लिए करीब 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।

यातायात व्यवस्था के तहत जेडीए सर्किल से मंदिर तक, एमडी रोड पर भैरव पथ से तथा रिजर्व बैंक से मंदिर तक बैरिकेडिंग की जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि दर्शन के दौरान अनावश्यक सामान और कैमरा साथ न लाएं, जिससे सुरक्षा जांच और प्रवेश व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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मोती डूंगरी गणेश मंदिर का नौ दिवसीय उत्सव 15 सितंबर को नगर भ्रमण के साथ समाप्त होगा। गणेशजी महाराज मंदिर से निकलकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेंगे। इस दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।

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