जुलाई में बेरोजगारी घटी, रोजगार बाजार से राहत

देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.1 फीसदी हो गई, जबकि जून में यह 5.5 फीसदी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी 4.5 फीसदी पर आ गई। इसी अवधि में श्रमबल भागीदारी दर बढ़कर 55.4 फीसदी हुई। हालांकि शहरी महिलाओं की बेरोजगारी में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • बेरोजगारी दर: जुलाई में घटकर 5.1 फीसदी हुई।
  • श्रमबल भागीदारी: एलएफपीआर बढ़कर 55.4 फीसदी पहुंचा।
  • ग्रामीण बेरोजगारी: जुलाई में घटकर 4.5 फीसदी रही।

बेरोजगारी में गिरावट, श्रम बाजार में बढ़ी भागीदारी

India’s Unemployment Rate Falls to 5.1%: नई दिल्ली। देश के रोजगार बाजार से जुलाई में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर जून के 5.5 फीसदी से घटकर जुलाई में 5.1 फीसदी रह गई। इस दौरान श्रमबल भागीदारी दर और कामगार जनसंख्या अनुपात में भी सुधार दर्ज किया गया। आंकड़े बताते हैं कि रोजगार की तलाश करने वाले लोगों की श्रम बाजार में भागीदारी बढ़ी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सुधार

ग्रामीण भारत में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। जून में 5 फीसदी रही बेरोजगारी जुलाई में घटकर 4.5 फीसदी हो गई। दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.6 फीसदी से मामूली बढ़कर 6.7 फीसदी रही। हालांकि सालाना तुलना करें तो शहरी क्षेत्र की तस्वीर बेहतर नजर आती है। जुलाई 2025 में शहरी बेरोजगारी दर 7.2 फीसदी थी, जो इस साल जुलाई में घटकर 6.7 फीसदी रह गई।

पुरुषों की बेरोजगारी भी घटी

15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में कुल बेरोजगारी दर जून के 5.3 फीसदी से घटकर जुलाई में 5 फीसदी हो गई। ग्रामीण पुरुषों में यह दर 4.9 फीसदी से कम होकर 4.6 फीसदी रही। शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर में जून के मुकाबले बड़ा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन सालाना आधार पर इसमें सुधार दर्ज किया गया। जुलाई 2025 में यह 6.6 फीसदी थी, जो जुलाई 2026 में घटकर 5.9 फीसदी हो गई।

महिलाओं में तस्वीर थोड़ी अलग

महिलाओं की कुल और ग्रामीण बेरोजगारी दर में जून की तुलना में कमी आई है, लेकिन दोनों दरें पिछले साल के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर जून के 8.4 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 8.8 फीसदी हो गई। जुलाई 2025 में यह 8.7 फीसदी थी। यानी शहरी महिलाओं के लिए रोजगार बाजार में स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

श्रमबल भागीदारी 55.4 फीसदी पर पहुंची

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू श्रमबल भागीदारी दर (एलएफपीआर) में बढ़ोतरी है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की कुल एलएफपीआर जून के 54.4 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 55.4 फीसदी हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 56.6 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी पहुंची। शहरी क्षेत्रों में भी मामूली सुधार हुआ और एलएफपीआर 50.1 फीसदी से बढ़कर 50.4 फीसदी रहा।

यह भी पढ़ें:जुलाई में बेरोजगारी घटी, रोजगार के संकेत मजबूत

3.71 लाख लोगों से जुटाया गया डेटा

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, जुलाई के मासिक अनुमान 3,71,021 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। जुलाई 2026 का मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का 16वां बुलेटिन है।

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