गांधीनगर रेलवे स्टेशन का बदलेगा चेहरा, 211 करोड़ का प्रोजेक्ट अंतिम चरण में

जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 211 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में पुनर्विकास किया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यात्रियों को जल्द ही एयर कॉनकोर्स, लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक प्रतीक्षालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बेहतर यात्री सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

  • गांधीनगर रेलवे स्टेशन का 211 करोड़ रुपये से पुनर्विकास अंतिम चरण में।
  • महाप्रबंधक ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का निरीक्षण किया।
  • आधुनिक सुविधाओं के साथ स्टेशन पर एयर कॉनकोर्स, लिफ्ट और एस्केलेटर उपलब्ध होंगे।

Gandhinagar Railway Station set for a makeover : उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने शनिवार को जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन पहुंचकर पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 211 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं और फिलहाल अंतिम चरण में फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है।

पुनर्विकसित स्टेशन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक स्टेशन भवन, आकर्षक प्रवेश द्वार, विशाल प्रतीक्षालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुव्यवस्थित यात्री परिसंचरण क्षेत्र और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर टिकट बुकिंग काउंटर और सामान्य प्रतीक्षालय भी शुरू किए जा चुके हैं, जिससे यात्रियों को पहले से अधिक सुविधा मिल रही है।

स्टेशन पर दो नई जी+2 इमारतों का निर्माण किया गया है। मुख्य प्रवेश भवन करीब 4,516 वर्गमीटर और दूसरे प्रवेश भवन का निर्माण लगभग 3,029 वर्गमीटर क्षेत्र में किया गया है। यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए आठ लिफ्ट, चार एस्केलेटर और दिव्यांगजन के अनुकूल विशेष सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

गांधीनगर स्टेशन की सबसे बड़ी विशेषताओं में 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स शामिल है, जो दोनों स्टेशन भवनों को प्लेटफॉर्म के ऊपर से जोड़ता है। लगभग 2,700 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस एयर कॉनकोर्स में वेटिंग रूम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफेटेरिया और गेम जोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका एक बड़ा हिस्सा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी विकसित किया गया है।

वाहनों की पार्किंग के लिए दो मंजिला बेसमेंट तैयार किया गया है, जबकि प्लेटफॉर्म पर लगभग 6,000 वर्गमीटर क्षेत्र में नए शेल्टर बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा अपनाई गई है। इसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कचरा प्रबंधन और 1,376 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है।

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रेलवे का उद्देश्य इस पुनर्विकास के जरिए यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही स्टेशन की वास्तुकला में जयपुर की पारंपरिक गुलाबी नगरी की स्थानीय कला और पहचान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।

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