जयपुर से रोबोटिक्स की बड़ी उड़ान, रिफाइनरी-फैक्ट्री में काम करेंगे रोबोट

राजस्थान की राजधानी जयपुर में देश के पहले एडवांस्ड रोबोटिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत हुई है। यहां विकसित होने वाले स्वदेशी एआई आधारित रोबोट रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल प्लांट, स्टील फैक्ट्री और अन्य जोखिम वाले औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से काम करेंगे। यह पहल तकनीकी आत्मनिर्भरता, रोजगार और औद्योगिक सुरक्षा को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

  • जयपुर रोबोटिक्स सेंटर में एआई आधारित स्वदेशी रोबोट विकसित किए जाएंगे।
  • रोबोटिक्स रिसर्च से रिफाइनरी और फैक्ट्रियों में मानव सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा।
  • जयपुर रोबोटिक्स परियोजना से निवेश, रोजगार और नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

A giant leap for robotics from Jaipur : राजस्थान की राजधानी जयपुर ने देश के तकनीकी विकास में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। यहां एडवांस्ड रोबोटिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (RRDC) की शुरुआत के साथ भारत ने इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और रोबोटिक्स के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाया है। यह सेंटर ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल के तहत स्थापित किया गया है और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

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इस आधुनिक केंद्र में ऐसे स्वदेशी रोबोट विकसित किए जाएंगे जो तेल एवं गैस उद्योग, ऑयल रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल प्लांट, स्टील फैक्ट्री और पावर सेक्टर जैसी खतरनाक जगहों पर बिना मानव जोखिम के काम कर सकेंगे। जहरीली गैस, अत्यधिक तापमान, रेडिएशन और संकरे टैंकों जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ये रोबोट निरीक्षण और तकनीकी जांच का जिम्मा संभालेंगे।

पेट्रोबोट कंपनी ने इस परियोजना के लिए ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए समझौते के अनुरूप करीब 10 से 12 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही लगभग 50 लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार हुए हैं। कंपनी के संस्थापक सहाब सिंह ने बताया कि उनके विकसित रोबोट पहले भी औद्योगिक परियोजनाओं में तकनीकी निरीक्षण कर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं।

शनिवार को राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने में आधुनिक तकनीक और नवाचार की अहम भूमिका रहेगी। सरकार, उद्योग और युवाओं की साझेदारी से प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक रोबोटिक्स के क्षेत्र में अमेरिका, यूरोप, चीन और जापान जैसे देशों का दबदबा रहा है, लेकिन जयपुर में शुरू हुआ यह सेंटर भारत की बदलती तकनीकी क्षमता का संकेत है। इससे देश केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अत्याधुनिक रोबोट निर्माण और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां रिसर्च से लेकर डिजाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग तक का पूरा काम एक ही स्थान पर किया जाएगा। इससे कम लागत वाले स्वदेशी रोबोट तैयार होंगे, जो भारतीय उद्योगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।

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