कृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब : गोविंददेव जी मंदिर के बाहर लगी डेढ़ किमी लंबी कतार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जयपुर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लगी, जबकि राधा दामोदरजी मंदिर में परंपरा के अनुसार दोपहर में ही जन्मोत्सव मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है।
- गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के लिए डेढ़ किमी लंबी लाइन लगी।
- जन्माष्टमी पर रात 12 बजे विशेष जन्मोत्सव और आतिशबाजी होगी।
- राधा दामोदर मंदिर में दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव मनाया गया।
A massive crowd turned out for the Krishna Janmotsav celebrations : जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। सबसे ज्यादा भीड़ गोविंददेवजी मंदिर में नजर आई, जहां दर्शन के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लग गई। भक्त देर रात करीब 2 बजे से ही मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे।
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सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ गोविंददेवजी के दर्शन शुरू हुए। जन्माष्टमी के मुख्य आयोजन के तहत मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इससे पहले ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा। छह वेदपाठी पंडितों की ओर से वेद पाठ भी किया जाएगा।
अभिषेक के लिए मंदिर में बड़ी मात्रा में सामग्री तैयार रखी गई है। इसमें 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद शामिल है। रात 10 से 11 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ होगा। इसके बाद मध्यरात्रि में 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी के बीच जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
उधर, चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव रात के बजाय दिन में ही मनाया गया। मंदिर की परंपरा के अनुसार दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव शुरू हुआ। यहां ठाकुर जी के बाल स्वरूप की पूजा होती है और इसी वजह से जन्माष्टमी का उत्सव दिन में मनाने की परंपरा चली आ रही है।
मंदिर के पुजारी मलय गोस्वामी के अनुसार, सुबह 5:30 बजे मंगला आरती हुई। इसके बाद सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक श्रृंगार दर्शन हुए। सुबह 11 बजे जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ हुआ और दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव शुरू किया गया। भक्तों ने जगमोहन में विशेष झांकी के दर्शन किए।
जन्मोत्सव के दौरान ठाकुर जी को नई पीले रंग की पोशाक पहनाकर झूले में विराजमान कराया गया। महिला श्रद्धालुओं ने बधाई गीत गाए। मंदिर परिसर में ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के कारण यहां प्रस्तावित आतिशबाजी नहीं हो सकी।
जयपुर के गोपीनाथजी मंदिर, अक्षयपात्र, अक्षरधाम और इस्कॉन मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए गए। अक्षयपात्र मंदिर में भगवान का जलाभिषेक कर फूलों से आकर्षक झांकी सजाई गई। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बड़ी चौपड़ पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी गई है। यहां से गोविंददेवजी मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग की व्यवस्था की गई है।



