जयपुर में जुटेगा हेल्थकेयर नेतृत्व का बड़ा मंच
जयपुर में 18 और 19 सितंबर को चौथा AHPI नेशनल लीडरशिप समिट आयोजित होगा। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के स्वास्थ्य नीति-निर्माता, अस्पताल प्रमुख, डॉक्टर और विशेषज्ञ गुणवत्ता, लागत, मरीजों के विश्वास, मानव संसाधन और डिजिटल हेल्थ पर चर्चा करेंगे। समिट में टिकाऊ स्वास्थ्य व्यवस्था, नेतृत्व विकास और राजस्थान को प्रमुख हेल्थकेयर हब बनाने की संभावनाओं पर भी विचार होगा।
- AHPI नेशनल लीडरशिप समिट 18–19 सितंबर को जयपुर में होगा।
- हेल्थकेयर नेतृत्व के साथ गुणवत्ता, लागत और मरीजों के विश्वास पर चर्चा होगी।
- डिजिटल हेल्थ और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव।
A major platform for healthcare leadership to gather in Jaipur : जयपुर में देशभर के हेल्थकेयर विशेषज्ञों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों का जुटान होने जा रहा है। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI) की ओर से 18 और 19 सितंबर को होटल मैरियट, जयपुर में चौथा AHPI नेशनल लीडरशिप समिट 2026 आयोजित किया जाएगा। इस बार समिट की थीम “Sustainable Healthcare Leadership: Balancing Quality, Cost & Trust” रखी गई है।
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दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में स्वास्थ्य क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर मंथन होगा। बढ़ती इलाज लागत, कुशल मानव संसाधन की कमी, तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव और मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता और भरोसा बनाए रखने को अहम मुद्दे के तौर पर रखा गया है।
ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन और महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. विकास चंद्र स्वर्णकार ने कहा कि आज हेल्थकेयर लीडरशिप का मतलब केवल संस्थान का विस्तार करना नहीं है। स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएं देने के साथ इलाज को वहनीय बनाए रखने और मरीजों का विश्वास कायम रखने के बीच संतुलन बनाना होगा। उनके मुताबिक टिकाऊ प्रगति के लिए नेतृत्व, सहयोग और भरोसा तीनों जरूरी हैं।
डॉ. स्वर्णकार ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावनाएं काफी व्यापक हैं। सरकार, स्वास्थ्य संस्थान, प्रोफेशनल्स और समाज के प्रयासों का केंद्र मरीज होना चाहिए। मरीज-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करके राजस्थान को देश के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
समिट का उद्घाटन 18 सितंबर को होगा। उद्घाटन सत्र में नेशनल मेडिकल कमीशन के चेयरमैन डॉ. अभिजात शेट्टी मुख्य अतिथि होंगे। राजस्थान की प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा, गायत्री राठौड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजस्थान हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. एस. एस. अग्रवाल तथा SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी विशेष अतिथि रहेंगे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन से लेकर तकनीक और नेतृत्व तक कई विषयों को अलग-अलग सत्रों में रखा गया है। पहले दिन “Human Resources – The Backbone of Sustainable Hospitals” सत्र में मानव संसाधन को टिकाऊ अस्पताल व्यवस्था की रीढ़ के रूप में चर्चा का केंद्र बनाया जाएगा। वहीं “Re-defining Healthcare Leadership for Business / Value Sustainability” में गुणवत्ता, लागत और संस्थागत विकास के बीच संतुलन पर विचार होगा।
“Improving Operational Efficiency” सत्र में लीन हॉस्पिटल ऑपरेशंस और स्मार्ट प्रोक्योरमेंट जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा “Digital Leadership & Innovation” सत्र में ABDM, NHCX, इंटरऑपरेबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी।
दूसरे दिन मरीजों के साथ भरोसे और संवेदनशील संबंध को मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा। “Building Institutions with a Culture of Compassion to Restore Trust” सत्र में मेंटरशिप, नर्सिंग नेतृत्व और डॉक्टर-मरीज संबंध जैसे विषय शामिल होंगे। वहीं प्लेनरी सत्र “Developing Leadership” में क्लिनिकल उत्कृष्टता से संस्थागत नेतृत्व तक की यात्रा पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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ऑर्गनाइजिंग कन्वीनर डॉ. अशोक खंडाका ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य क्षेत्र का अंतिम उद्देश्य है। उनके अनुसार ऐसे सम्मेलन संस्थानों को अपनी चुनौतियों पर चर्चा करने, अनुभव साझा करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाले क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर देते हैं।
साइंटिफिक कमेटी के चेयर डॉ. एस. सी. पारीक ने कहा कि समिट की चर्चा केवल क्लिनिकल मेडिसिन तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें लोगों, प्रक्रियाओं, वित्त, तकनीक, मरीजों के विश्वास और नेतृत्व को एक साथ देखा जाएगा, क्योंकि इन सभी का असर अंततः स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है।
समिट में राजस्थान को हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। राज्य में सरकारी और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और विशेषज्ञ सेवाओं का नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है। जयपुर में टर्शियरी केयर सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मौजूद है।
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सर्वेश अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में मजबूत सरकारी संस्थानों, बढ़ते निजी स्वास्थ्य क्षेत्र, मेडिकल कॉलेजों, विशेषज्ञ सेवाओं और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी कई सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। अब जरूरत इन क्षमताओं को एक-दूसरे से जोड़कर राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए। मजबूत गुणवत्ता, कुशल मानव संसाधन और विश्वास आधारित व्यवस्था विकसित होने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और बढ़ सकती है।
ऑर्गनाइजिंग को-कन्वीनर डॉ. सचिन झंवर ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकते हैं। AHPI राजस्थान ऐसा मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां अलग-अलग संस्थान अपनी अच्छी प्रक्रियाओं और समान चुनौतियों को साझा कर सकें।
18 सितंबर की शाम AHPI Leadership Awards 2026 के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। वहीं 19 सितंबर को समिट का समापन वैलेडिक्टरी सत्र से होगा। इसमें भारत की 2047 तक की स्वास्थ्य दृष्टि पर चर्चा की जाएगी। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी. के. पॉल “Vision for Viksit Bharat 2047” विषय पर वैलेडिक्टरी संबोधन देंगे। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि होंगे, जबकि MGUMST के एमेरिटस चेयरपर्सन डॉ. एम. एल. स्वारंकर अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे।
समिट की समिति में डॉ. गिरधर ज्ञानी, लेफ्टिनेंट जनरल एन. के. परमार (सेवानिवृत्त), डॉ. संजीव सिंह, हिमांशु बैद, डॉ. संदीप बुधिराजा, डॉ. सुनील कुमार बरनवाल IAS, रजनीश भंडारी, लेफ्टिनेंट जनरल अरिंदम चटर्जी (सेवानिवृत्त), कर्नल बीनू शर्मा (सेवानिवृत्त), एयर मार्शल पवन कपूर, डॉ. ए. रघुवंशी, डॉ. शिव सरीन और दिलीप जोस सहित कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं।
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AHPI देशभर के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। यह स्वास्थ्य नीति, गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, स्किलिंग और संस्थागत सुधार जैसे विषयों पर सरकार, नियामक संस्थाओं और अन्य हितधारकों के साथ संवाद करता है। राजस्थान में भी संगठन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और नेतृत्व को नीति संवाद, ज्ञान साझा करने, गुणवत्ता सुधार और क्षमता निर्माण का मंच उपलब्ध कराता है।



