ई-गाड़ियों की एंट्री से जेडीए में बड़ा बदलाव, अधिकारियों के लिए बने खास चार्जिंग पॉइंट
जयपुर विकास प्राधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने सरकारी बेड़े में चार इलेक्ट्रिक वाहन शामिल किए हैं। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इन वाहनों के लिए जेडीए परिसर में चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया गया है। अधिकारियों के आवागमन में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने की कोशिश की जा रही है।
- जेडीए के बेड़े में चार इलेक्ट्रिक वाहन शामिल किए गए।
- ईवी चार्जिंग स्टेशन पर एक साथ दो वाहन चार्ज हो सकेंगे।
- जेडीए में ईवी के इस्तेमाल से प्रदूषण घटाने पर जोर दिया जा रहा है।
Major changes at JDA with the introduction of e-vehicles : जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सरकारी कामकाज में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्राधिकरण के बेड़े में चार नए ईवी शामिल किए गए हैं। इन वाहनों के संचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए जेडीए परिसर में अलग से चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया गया है।
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जानकारी के अनुसार, जेडीए ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत से चार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं। इन वाहनों को चार्ज करने के लिए बनाए गए स्टेशन पर एक समय में दो ईवी चार्ज किए जा सकेंगे। चार्जिंग स्टेशन तैयार करने में करीब एक लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है।
जेडीए के नए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल वरिष्ठ अधिकारियों के आवागमन के लिए किया जाएगा। इनमें जेडीसी, जेडीए सचिव, डीआईजी प्रवर्तन और प्रशासनिक अधिकारियों के उपयोग में इन वाहनों को लगाए जाने की जानकारी है। इससे सरकारी स्तर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने का संदेश भी जाएगा।
राज्य में सरकारी विभागों के वाहनों के बेड़े को धीरे-धीरे पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
ईवी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अलग-अलग प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत के साथ सब्सिडी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य लोगों और संस्थानों को पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सरकारी बेड़े में ईवी की संख्या बढ़ने से आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही प्रदूषण कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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जेडीए का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब सरकारी परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशन की सुविधा के साथ नए ईवी वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने से जयपुर में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और पहल जुड़ गई है।



