निकाय चुनाव पर बोले जोगाराम पटेल, BJP की जीत पर गिनाए कारण

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने भाजपा के प्रदर्शन को लेकर सरकार के कामकाज पर जनता के भरोसे का दावा किया। उन्होंने कांग्रेस के रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और बाड़ाबंदी के आरोपों को खारिज किया। पटेल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली, संगठन की भूमिका और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को चुनावी प्रदर्शन से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

  • 27 नगर निकायों में भाजपा की जीत जनता के भरोसे और सुशासन का परिणाम।
  • कांग्रेस की बौखलाहट और अंदरूनी कलह का नतीजा हैं ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ के बेबुनियाद आरोप।
  • जयपुर में 80 और जोधपुर में 45 से अधिक पार्षदों का मजबूत समर्थन हासिल।

Jogaram Patel speaks on civic body elections : राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने भाजपा के प्रदर्शन को लेकर कहा है कि चुनाव में पार्टी को मिली सफलता को वे राज्य सरकार के कामकाज के प्रति जनता के भरोसे से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से लगाए गए ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ और बाड़ाबंदी के आरोपों को भी खारिज किया।

यह भी पढ़ें ; राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट का भव्य समापन, दिखी पर्यटन की नई तस्वीर

पटेल ने कहा कि भाजपा में संगठन और कार्यकर्ता को प्राथमिकता दी जाती है। उनके मुताबिक पार्टी ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के सिद्धांत के साथ काम करती है और किसी एक व्यक्ति के बजाय संगठन को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कांग्रेस को लेकर भी कई राजनीतिक दावे किए, जिन्हें उन्होंने निकाय चुनाव के बाद अपनी प्रतिक्रिया के दौरान रखा।

‘बाड़ाबंदी’ के आरोपों पर पटेल का जवाब

कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि भाजपा में इस तरह की बाड़ाबंदी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रशिक्षण पार्टी की नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और कार्यकर्ता लगातार प्रशिक्षण लेते रहते हैं।

वहीं, चुनाव के बाद पार्षदों को होटल और रिसॉर्ट में ठहराए जाने की खबरें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कई निर्वाचित पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। दोनों दलों की ओर से इस व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आए।

जयपुर-जोधपुर के आंकड़ों का किया जिक्र

जोगाराम पटेल ने जयपुर और जोधपुर में भाजपा के पार्षदों और समर्थक पार्षदों की संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने जोधपुर में भाजपा के 45 निर्वाचित सदस्यों के साथ 7-8 समर्थक पार्षद होने का दावा किया, जबकि जयपुर में यह संख्या करीब 80 बताई।

यह भी पढ़ें ; राजस्थान में फैटी लिवर की बड़ी स्क्रीनिंग, 2.61 करोड़ लोगों की जांच

हालांकि, चुनाव परिणामों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विभिन्न निकायों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की स्थिति अलग-अलग रही है। जोधपुर में शुरुआती परिणामों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिली थीं और निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी थी। बाद की राजनीतिक गतिविधियों में भाजपा ने निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया।

मुख्यमंत्री की कार्यशैली का भी किया जिक्र

पटेल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री के विकास के एजेंडे और संगठन के अनुभव के आधार पर निकाय चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव में लगातार मेहनत की।

राजस्थान के निकाय चुनावों के आधिकारिक परिणामों पर प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार भाजपा 10,235 घोषित वार्डों में 4,179 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही, जबकि कांग्रेस ने 3,613 और निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड जीते। 10 नगर निगमों में भाजपा ने जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर में जीत दर्ज की।

30 निकायों में निर्विरोध चुनाव का दावा

जोगाराम पटेल ने कहा कि दो नगर निगम, छह नगर परिषद और कुल 30 नगर निकायों में पार्षद प्रतिनिधियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। उन्होंने इसे संगठन की चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि पार्टी आगे भी इसी तरह काम जारी रखेगी।

निकाय चुनाव के बाद अब कई नगर निगमों और निकायों में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं। जयपुर और जोधपुर समेत कई जगहों पर मेयर और बोर्ड गठन के लिए दलों को अपने पार्षदों का समर्थन जुटाना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें ; जयपुर महापौर चुनाव : भाजपा ने सुनील कोठारी को चुनावी मैदान में उतारा

पटेल ने कहा कि भाजपा नकारात्मक राजनीति में विश्वास नहीं रखती और संगठन के स्तर पर लगातार काम करने को प्राथमिकता देती है। दूसरी ओर, कांग्रेस चुनाव परिणामों और चुनाव बाद की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भाजपा पर अपने आरोप लगा रही है। ऐसे में निकाय चुनाव के बाद सामने आया राजनीतिक समीकरण आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।

Related Articles

Back to top button